मॉस्को. रूस के मॉस्को में क्लाइंबिंग वर्ल्ड कप का 2 दिन का इवेंट पूरा हो गया। इसमें क्लाइंबिंग की सबसे कठिन स्पर्धा 'बॉल्डर' कराई जाती है। बॉल्डर में क्लाइंबर को खड़ी चढ़ाई वाली 13 फीट की दीवार पर 4 मिनट में चढ़ना होता है। ये दीवार 3 जगह से टूटी या घुमावदार होती है। ठीक किसी कटी हुई पहाड़ी की तरह। ये ऐसे घुमाव होते हैं, जहां से क्लाइंबर के फिसलने का काफी जोखिम रहता है। हालांकि ये सभी इवेंट इनडोर होते हैं।
5-6 साल की उम्र से क्लाइंबिंग कर रहीं शॉना कॉक्सी
इवेंट की पुरुष कैटेगरी में कजाखस्तान के एडम ऑन्ड्रा और महिला कैटेगरी में स्लोवेनिया की जांजा गार्नब्रेट ने गोल्ड जीता। लेकिन इवेंट में खास चर्चा ब्रिटेन की क्लाइंबर शॉना कॉक्सी की रही। 2 बार की वर्ल्ड चैंपियन शॉना चोट की वजह से करीब डेढ़ साल से क्लाइंबिंग से दूर थीं। इस बार वापसी की और सिल्वर मेडल जीता। वे ओलिंपिक में जाने वाली ब्रिटेन की क्लाइंबिंग टीम में भी शामिल हैं। टोक्यो-2020 के लिए पहली बार क्लाइंबिंग को ओलिंपिक में शामिल किया गया है। फ्रांस और स्लोवाकिया ने अब तक सबसे ज्यादा 6-6 बार वर्ल्ड कप जीता है।
शॉना कॉक्सी ने कहा, ''मैं 5 या 6 साल की उम्र से क्लाइंबिंग कर रही हूं। अधिकतर समय हमें बिना कोई ग्लव्स पहने क्लाइंबिंग करनी होती है। कम उम्र में क्लाइंबिंग शुरू करने की वजह से मेरी उंगलियां आकार खो चुकी हैं। 2017 में भी मुझे उंगलियों के लिगामेंट में ही समस्या हुई थी। इससे उंगलियां कमजोर हो जाती हैं। ग्रिप बनाने में समस्या होती है। उंगलियों की मजबूती के बिना क्लाइंबिंग का कोई मतलब ही नहीं रह जाता। फिर भी मैं फिट होकर वापस आ सकी और अब हफ्ते में 10-10 घंटे तक ट्रेनिंग कर रही हूं। वजह है कि मेरा खेल ओलिंपिक में शामिल हो चुका है।''
कॉक्सी ने कहा, ''क्लाइंबिंग के ओलिंपिक में शामिल होने के बाद जो एहसास हो रहा है, उसे केवल ऐसा ही कोई व्यक्ति समझ सकता है जिसने बचपन से किसी एक काम को अपना सबकुछ दे दिया हो और अचानक एक दिन उसे पता चला कि अब उसे दुनिया के सबसे बड़े इवेंट में उसी काम में अपने देश का प्रतिनिधित्व करना है।''
क्लाइंबिंग में 3 तरह के इवेंट होते हैं
1. स्पीड- ये एक तरह की वर्टिकल रेस होती है। करीब 50 फीट की दीवार पर चढ़ाई करनी होती है। जो क्लाइंबर सबसे जल्दी ऊपर तक पहुंच गया, वो जीत जाता है।
2. बॉल्डर- क्लाइंबर को खड़ी चढ़ाई वाली 13 फीट की दीवार पर 4 मिनट में चढ़ना होता है। दीवार 3 जगह से किसी पहाड़ी की तरह टूटी या घुमावदार होती है।
3. स्पोर्ट- स्पोर्ट में भी दीवार 50 फीट की होती है। इसमें क्लाइंबिंग का समय तय होता है- 6 मिनट। जिसने चढ़ाई पूरी की या जिसने सबसे ज्यादा चढ़ाई की, वो जीतता है।
जिसके सबसे कम अंक, वो जीतता है
तीनों इवेंट में क्लाइंबर को अलग-अलग रैंक दी जाती है। तीनों रैंक को आपस में गुणा कर क्लाइंबर के कुल पॉइंट निकाले जाते हैं। जिसके सबसे कम अंक होते हैं, वो जीतता है। मान लीजिए किसी क्लाइंबर को स्पीड में 10वीं, बॉल्डर में दूसरी और स्पोर्ट में 5वीं रैंक मिली। तीनों का गुणा कर उसके पॉइंट 100 हुए। वहीं दूसरा क्लाइंबर, जिसे स्पीड में 9वीं, बॉल्डर में पहली और स्पोर्ट में 15वीं रैंक मिली। उसके पॉइंट 135 हुए। यानी पहला क्लाइंबर, दूसरे से आगे रहा।
Friday, April 19, 2019
Monday, April 15, 2019
भद्दी टिप्पणी पर आजम ने कहा- अगर दोषी पाया गया तो चुनाव नहीं लड़ूंगा; एफआईआर दर्ज
रामपुर. सपा नेता आजम खान ने विवादास्पद बयान दिया है। माना जा रहा है कि उनका इशारा अभिनेत्री और रामपुर से भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदा की तरफ था। हालांकि बाद में आजम ने सफाई देते हुए कहा कि अगर मैं दोषी पाया गया तो चुनाव नहीं लड़ूंगा। मैंने किसी का नाम नहीं लिया। बयान को लेकर आजम पर केस दर्ज कर लिया गया है। आजम के बयान पर सुषमा स्वराज ने भी मुलायम सिंह से कार्रवाई करने की अपील की है। उधर, सपा ने आजम के बयान को उनकी निजी राय बताया।
'जिसकी उंगली पकड़कर हम रामपुर लाए'
आजम ने रविवार को रामपुर में कहा, "मैं सवाल करता हूं कि क्या राजनीति इतनी गिर जाएगी। 10 बरस जिसने रामपुर के लोगों का लहू पिया, जिसकी उंगली पकड़कर हम रामपुर लेकर आए। रामपुर की गलियां और सड़कों की पहचान कराई। उसके शरीर से किसी का कंधा नहीं लगने दिया, आप गवाही दोगे। छूने नहीं दिया, गंदी बात नहीं करने दी। आपने 10 साल अपना प्रतिनिधित्व कराया। लेकिन आप और मुझमें क्या फर्क है। रामपुर वालो, उत्तरप्रदेश और हिंदुस्तान वालो, उसकी असलियत समझने में आपको 17 बरस लग गए, मैं 17 दिन में पहचान गया। उनका...खाकी है।"
सोमवार को सफाई में कहा, "किसी भी आदमी को पहचानने में वक्त लगता है। मैंने यह बात एक आदमी के संदर्भ में कही थी। एक बार उसने कहा था कि वह अपने साथ 150 राइफल लेकर आया। उसने कहा कि अगर मुझे सामने देखा तो गोली मार देगा। मेरे नेताओं ने भी गलती की। अब यह पता चला है कि वह संघ का पैंट पहने हुए था।"
सपा के पूर्व मंत्री ने यह भी कहा, "मैं रामपुर से 9 बार विधायक रह चुका हूं। उत्तरप्रदेश सरकार में मंत्री भी था। मैं जानता हूं कि क्या बोलना है। अगर कोई यह साबित कर दे कि मैंने किसी का नाम लेकर उसकी बेइज्जती की तो चुनाव से अपना नाम वापस ले लूंगा। मैं मीडिया की भूमिका को लेकर भी निराश हूं। न मैं मीडिया जैसा हूं और न ही मीडिया मेरे जैसा है। वे देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं।"
आजम के बयान को लेकर सुषमा स्वराज ने मुलायम सिंह यादव से कार्रवाई करने की अपील की। सुषमा ने ट्वीट किया, "मुलायम भाई - आप पितामह हैं समाजवादी पार्टी के। आपके सामने रामपुर में द्रौपदी का चीर हरण हो रहा हैं। आप भीष्म की तरह मौन साधने की गलती मत करिये।"
इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी आजम खान को नोटिस जारी किया है। आयोग ने आजम के बयान को महिला के लिए अपमानजनक और अनैतिक बताया है। आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा, "हमने मामले में चुनाव आयोग को भी पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है ताकि उन्हें सबक मिले। चुनाव के समय यह सब बंद होना चाहिए। महिला केवल उपभोग के लिए नहीं है। महिला वोटरों को इस तरह के बयान देने वालों के खिलाफ मतदान करना चाहिए।"
मामले पर जयाप्रदा ने कहा, "2009 में पार्टी में होते हुए भी अखिलेश और मुलायम ने मुझे समर्थन नहीं दिया था। आजम खान को इसकी आदत है। इनका स्तर किस तरह गिर गया है। यह कभी सुधरेगा नहीं कि मैं एक महिला पर ऐसी टिप्पणी कर रहा हूं। जो हम बोल भी नहीं सकते, वो ऐसी टिप्पणी करता है। अब वो मेरा भाई नहीं, वो मेरा कुछ भी नहीं। इसको हम छोड़ेंगे नहीं। इसका चुनाव नहीं होना चाहिए। इसका चुनाव रद्द करना चाहिए।"
जयाप्रदा 2004 और 2009 में रामपुर लोकसभा सीट से सपा के टिकट पर सांसद चुनी गई थीं। इस साल मार्च में ही में उन्होंने भाजपा ज्वाइन की है। पार्टी ने उन्हें रामपुर से ही टिकट दिया है।
आजम एक और विवादास्पद वीडियो वायरल
आजम खान का एक और वीडियो वायरल हुआ है। एक मिनट 30 सेकंड के इस वीडियो में आजम अपनी गाड़ी पर खड़े होकर कह रहे हैं, "सब यहां डटे रहो। कलेक्टर-वलेक्टर से मत डरियो। ये तनखैया (तनख्वाह पाने वाला) है। तनखैयों से नहीं डरते। मायावती जी के फोटो देखे हैं। कैसे बड़े अफसर रूमाल निकाल के उनके जूते साफ करते हैं। हमारा उन्हीं (मायावती) से गठबंधन है। अल्लाह ने चाहा तो मायावती जी के जूते इन्हीं से साफ कराऊंगा।"
'जिसकी उंगली पकड़कर हम रामपुर लाए'
आजम ने रविवार को रामपुर में कहा, "मैं सवाल करता हूं कि क्या राजनीति इतनी गिर जाएगी। 10 बरस जिसने रामपुर के लोगों का लहू पिया, जिसकी उंगली पकड़कर हम रामपुर लेकर आए। रामपुर की गलियां और सड़कों की पहचान कराई। उसके शरीर से किसी का कंधा नहीं लगने दिया, आप गवाही दोगे। छूने नहीं दिया, गंदी बात नहीं करने दी। आपने 10 साल अपना प्रतिनिधित्व कराया। लेकिन आप और मुझमें क्या फर्क है। रामपुर वालो, उत्तरप्रदेश और हिंदुस्तान वालो, उसकी असलियत समझने में आपको 17 बरस लग गए, मैं 17 दिन में पहचान गया। उनका...खाकी है।"
सोमवार को सफाई में कहा, "किसी भी आदमी को पहचानने में वक्त लगता है। मैंने यह बात एक आदमी के संदर्भ में कही थी। एक बार उसने कहा था कि वह अपने साथ 150 राइफल लेकर आया। उसने कहा कि अगर मुझे सामने देखा तो गोली मार देगा। मेरे नेताओं ने भी गलती की। अब यह पता चला है कि वह संघ का पैंट पहने हुए था।"
सपा के पूर्व मंत्री ने यह भी कहा, "मैं रामपुर से 9 बार विधायक रह चुका हूं। उत्तरप्रदेश सरकार में मंत्री भी था। मैं जानता हूं कि क्या बोलना है। अगर कोई यह साबित कर दे कि मैंने किसी का नाम लेकर उसकी बेइज्जती की तो चुनाव से अपना नाम वापस ले लूंगा। मैं मीडिया की भूमिका को लेकर भी निराश हूं। न मैं मीडिया जैसा हूं और न ही मीडिया मेरे जैसा है। वे देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं।"
आजम के बयान को लेकर सुषमा स्वराज ने मुलायम सिंह यादव से कार्रवाई करने की अपील की। सुषमा ने ट्वीट किया, "मुलायम भाई - आप पितामह हैं समाजवादी पार्टी के। आपके सामने रामपुर में द्रौपदी का चीर हरण हो रहा हैं। आप भीष्म की तरह मौन साधने की गलती मत करिये।"
इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी आजम खान को नोटिस जारी किया है। आयोग ने आजम के बयान को महिला के लिए अपमानजनक और अनैतिक बताया है। आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा, "हमने मामले में चुनाव आयोग को भी पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है ताकि उन्हें सबक मिले। चुनाव के समय यह सब बंद होना चाहिए। महिला केवल उपभोग के लिए नहीं है। महिला वोटरों को इस तरह के बयान देने वालों के खिलाफ मतदान करना चाहिए।"
मामले पर जयाप्रदा ने कहा, "2009 में पार्टी में होते हुए भी अखिलेश और मुलायम ने मुझे समर्थन नहीं दिया था। आजम खान को इसकी आदत है। इनका स्तर किस तरह गिर गया है। यह कभी सुधरेगा नहीं कि मैं एक महिला पर ऐसी टिप्पणी कर रहा हूं। जो हम बोल भी नहीं सकते, वो ऐसी टिप्पणी करता है। अब वो मेरा भाई नहीं, वो मेरा कुछ भी नहीं। इसको हम छोड़ेंगे नहीं। इसका चुनाव नहीं होना चाहिए। इसका चुनाव रद्द करना चाहिए।"
जयाप्रदा 2004 और 2009 में रामपुर लोकसभा सीट से सपा के टिकट पर सांसद चुनी गई थीं। इस साल मार्च में ही में उन्होंने भाजपा ज्वाइन की है। पार्टी ने उन्हें रामपुर से ही टिकट दिया है।
आजम एक और विवादास्पद वीडियो वायरल
आजम खान का एक और वीडियो वायरल हुआ है। एक मिनट 30 सेकंड के इस वीडियो में आजम अपनी गाड़ी पर खड़े होकर कह रहे हैं, "सब यहां डटे रहो। कलेक्टर-वलेक्टर से मत डरियो। ये तनखैया (तनख्वाह पाने वाला) है। तनखैयों से नहीं डरते। मायावती जी के फोटो देखे हैं। कैसे बड़े अफसर रूमाल निकाल के उनके जूते साफ करते हैं। हमारा उन्हीं (मायावती) से गठबंधन है। अल्लाह ने चाहा तो मायावती जी के जूते इन्हीं से साफ कराऊंगा।"
Monday, April 8, 2019
एयरस्ट्राइक के जोश में पानी जैसे जरूरी मुद्दे तक डूबे हुए दिख रहे
अमित कुमार निरंजन, बेंगलुरु (कर्नाटक) से. इलेक्ट्रॉनिक सिटी (बेंगलुरु साउथ) की सोसायटी में रहने वाले ए एस पटेल शुक्रवार रात इस उत्साह से घर लौटे कि कल वीकेंड है, देर तक सोऊंगा। घर पहुंचे ही थे कि पता चला-पानी नहीं है। पानी का टैंकर रात ढाई बजे आना था। एक झपकी ले ली...पता चला टैंकर भी चला गया। हड़बड़ाहट में सुबह पांच बजे नींद खुली तो पानी की याद आई। इस बार चूकते तो पानी नहीं मिलता।
भारत यात्रा के इस सफर में मेरा एक रात्रि विश्राम मेरे मित्र पटेल के घर पर भी था...इसलिए देश की सिलिकॉन वैली में पानी का ऐसा संकट मैंने खुद महसूस किया। बहरहाल, पटेल साहब और मैं पावर नैप लेकर सुबह-सुबह घूमने निकल पड़े। रास्ते भर पटेल साहब पानी पर बड़बड़ाते रहे। अचानक चमचमाते फाइटर प्लेन का स्टेच्यू दिखा। मैंने पूछा-क्या नया लगा है? कैब ड्राइवर मंजूनाथ बोला-नया नहीं है, एयरस्ट्राइक के बाद पेंट किया गया है।
पटेल साहब भी पानी से यू टर्न मारते हुए एयरस्ट्राइक पर आ गए। बोले- इस बार अच्छा किया, जो हम बम बरसाकर आ गए। इसलिए कहते हैं- मोदी है तो मुमकिन हैं। इसके बाद तो पानी कहीं छूट गया और दिनभर गांधी परिवार की राजवंशी राजनीति पर उनका जुबानी एयरस्ट्राइक चलता रहा।
मुद्दों को और गहराई से समझने के लिए मैं कन्नड़ अखबार विजय कर्नाटक के पूर्व संपादक और 60 से ज्यादा किताबों के लेखक विश्वेश्वर भट्ट से मिला। विश्वेश्वर बोले-यहां चुनाव का ट्रेंड हर साल बदलता है। कभी ये जाति के आधार पर होता है तो कभी मुद्दों पर। इस बार मुद्दे हावी दिख रहे हैं। मुद्दा सिर्फ एक है- ‘फॉर मोदी और नॉट मोदी’। पहले जीएसटी, नोटबंदी का असर था। एयर स्ट्राइक के बाद चर्चा सिर्फ ‘देश’ पर आकर ठहर गई।
अब सबसे पहले तुमकुर की बात। यहां पिछली बार कांग्रेस के मुदाहनुम गोडा सांसद बने थे। लेकिन इस बार जेडीएस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा खड़े हो रहे हैं। इस वजह से कांग्रेस और जेडीएस के कैडर के बीच तकरार बढ़ सकती है। भाजपा ने यहां बसावराजू को टिकट दिया है, ये लिंगायत से हैं। यहां वोक्कालिगा 35%, लिंगायत 25%, अहिंदा करीब 30% हैं। ऐन मौके पर टिकट वापस लिए जाने से नाराज एसपी मुदाहनुम गोडा अब निर्दलीय मैदान में हैं। एक और बात-देवेगौड़ा जब कर्नाटक के सीएम थे तब उन्होंने हेमावती नदी का एक हिस्सा हासन की ओर मोड़ दिया था। उस समय हासन देवेगौड़ा का चुनाव क्षेत्र था था और तुमकुर के सामने पानी की समस्या पैदा हो गई थी। तुमकुर वो दिन अभी तक भूला नहीं है।
मांड्या इस बार हाईप्रोफाइल सीट हो गई है। यहां से सीएम कुमारस्वामी के बेटे निखिल मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा समर्थित निर्दलीय सुमलता से है। वे दिवंगत अभिनेता अंबरीश की पत्नी हैं। रोचक यह है कि नामांकन के आखिरी दिन तक तीन और ‘सुमलथा’ निर्दलीय मैदान में आ गई हैं। हासन पूर्व पीएम देवेगौड़ा की सीट रह चुकी है। वे यहां से 5 बार सांसद रहे हैं। यहां वोक्कालिगा समुदाय 80% हैं। जो देवेगौड़ा के साथ दिखता है। यहां देवगौड़ा के पौत्र प्रज्जवला जेडीएस से मैदान में हैं। भाजपा ने ए मंजू को टिकट दिया है। वे पूर्व कांग्रेसी हैं। कभी कांग्रेस के नेता सिद्धारमैया का मजबूत गढ़ रहे मैसूर में पिछली बार भाजपा के प्रताप शिम्हा जीते थे। इस बार भी इन्हें टिकट दिया गया है।
पिछली बार वे ध्रुवीकरण के चलते जीते थे। इस बार हालात अलग हैं। यहां वोक्कालिगा 40%, ओबीसी 30% और लिंगायत 10% हैं। यह मुकाबला रोचक होगा। इस बार कांग्रेस ने विजय शंकर को टिकट दिया है। वे कर्बा हैं। इसी वर्ग से कांग्रेसी दिग्गज सिद्धारमैया भी हैं। चामराजनगर रिजर्व सीट है। पिछली बार कांग्रेस के आर ध्रुव नारायण जीते थे। इस बार भी पार्टी ने इन पर भरोसा जताया है। यहां से श्रीनिवास प्रसाद को भाजपा से टिकट मिला है। वे सिद्धारमैया सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इन्होंने कांग्रेस छोड़ी और भाजपा ज्वॉइन कर ली।
बेंगलुरु रूरल की बात करें तो यहां कांग्रेस की पकड़ दिखती है। पिछली बार कांग्रेस के डी केमपेगोडा सुरेश सांसद चुने गए थे। यहां वोक्कालिगा 45% हैं। इस बार भी कांग्रेस को बढ़त दिखती है। बेंगलुरु नॉर्थ में इस बार भी कुछ बदला नहीं है। केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा यहीं से सांसद चुने गए थे। इस बार भी भाजपा ने उन्हें टिकट दिया है। लोग कहते हैं- पिछली बार कांग्रेस के पास मजबूत उम्मीदवार न होने से भाजपा को फायदा हुआ था। इस बार भी कुछ ऐसा ही है। पहले ये सीट जेडीएस को दी गई थी। लेकिन बाद में कांग्रेस को दी गई। यहां से कांग्रेस के कृष्णा बायरे गौड़ा को टिकट मिला है।
बेंगलुरु सेंट्रल में भाजपा ने फिर पीसी माेहन को टिकट दिया है। पिछली बार वे भाजपा से सांसद बने थे। यहां जेडीएस और कांग्रेस अलग-अलग लड़ती रहीं है। इसके चलते वोट कटता गया। इस बार कांग्रेस ने रिजवान अरशद को उतारा है। कांग्रेस को बढ़त के आसार हैं। बेंगलुरु साउथ चर्चित सीटों में से एक है। यह भाजपा के दिग्गज नेता अनंत कुमार की सीट है। उनके निधन के बाद भाजपा ने 28 साल के तेजस्वी सूर्या पर दांव खेला है। वे भाजपा आईटी सेल के सदस्य रह चुके हैं। यहां से कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद उनके सामने हैं। वोक्कालिगा डोमिनेंट सीट होने से उनके जीतने की संभावना है।
चिकबल्लापुर में पिछली बार कांग्रेस के वीरप्पा मोईली सांसद बने थे। 1996 को छोड़कर ये सीट 1977 से 2014 तक कांग्रेस के पास ही रही है। इस बार भी पार्टी ने मोईली को ही टिकट दिया है। यहां से बीएन बच्चेगौड़ा भाजपा उम्मीदवार हैं। बच्चेगौड़ा को थोड़ा एडवांटेज मिल सकता हैं क्योंकि ये वोक्कालिगा हैं। जातीय नजरिए से देखें तो भाजपा का परंपरागत लिंगायत वोट भी उन्हें मिल सकता है। कोलार सीट 1991 से कांग्रेस के पास है। भाजपा ने यहां से एन मुनीस्वामी को मैदान में उतारा है। कांग्रेस के मुनियप्पा सात बार यह सीट जीत चुके हैं। ऐसे में मुनीस्वामी के मुकाबले ज्यादा दमदार दिखते हैं।
सिर्फ तीन वर्ग हैं- देवेगौड़ा (जेडीएस) से वोक्कालिगा, येदियुरप्पा (भाजपा) से लिंगायत और सिद्धारमैया (कांग्रेस) से अहिंदा वर्ग जुड़ा है। वोक्कालिगा करीब 50%, अिहंदा करीब 35% और लिंगायत करीब 10% हैं। कर्नाटक के पांच अलग-अलग क्षेत्रों में तीनों वर्ग का अपना-अपना दबदबा है लेकिन ओवरऑल बात करें तो कर्नाटक में लिंगायत गेम चेंजर है। यानी माना जाता है कि लिंगायत जिसे वोट देगा, कर्नाटक में सरकार उसी की बनेगी। वहीं पॉलिटिकल इक्वेशन पर राजनीतिक विश्लेषक एस ए हेमंत कुमार कहते हैं- कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन करके भाजपा का काम आसान किया है। जो कैडर सालों से एक-दूसरे के खिलाफ था, वह अब साथ काम करें, ये कैसे मुमकिन है। गठबंधन में ऊपर के लीडर तो मिल गए लेकिन कैडर नहीं मिला।
भारत यात्रा के इस सफर में मेरा एक रात्रि विश्राम मेरे मित्र पटेल के घर पर भी था...इसलिए देश की सिलिकॉन वैली में पानी का ऐसा संकट मैंने खुद महसूस किया। बहरहाल, पटेल साहब और मैं पावर नैप लेकर सुबह-सुबह घूमने निकल पड़े। रास्ते भर पटेल साहब पानी पर बड़बड़ाते रहे। अचानक चमचमाते फाइटर प्लेन का स्टेच्यू दिखा। मैंने पूछा-क्या नया लगा है? कैब ड्राइवर मंजूनाथ बोला-नया नहीं है, एयरस्ट्राइक के बाद पेंट किया गया है।
पटेल साहब भी पानी से यू टर्न मारते हुए एयरस्ट्राइक पर आ गए। बोले- इस बार अच्छा किया, जो हम बम बरसाकर आ गए। इसलिए कहते हैं- मोदी है तो मुमकिन हैं। इसके बाद तो पानी कहीं छूट गया और दिनभर गांधी परिवार की राजवंशी राजनीति पर उनका जुबानी एयरस्ट्राइक चलता रहा।
मुद्दों को और गहराई से समझने के लिए मैं कन्नड़ अखबार विजय कर्नाटक के पूर्व संपादक और 60 से ज्यादा किताबों के लेखक विश्वेश्वर भट्ट से मिला। विश्वेश्वर बोले-यहां चुनाव का ट्रेंड हर साल बदलता है। कभी ये जाति के आधार पर होता है तो कभी मुद्दों पर। इस बार मुद्दे हावी दिख रहे हैं। मुद्दा सिर्फ एक है- ‘फॉर मोदी और नॉट मोदी’। पहले जीएसटी, नोटबंदी का असर था। एयर स्ट्राइक के बाद चर्चा सिर्फ ‘देश’ पर आकर ठहर गई।
अब सबसे पहले तुमकुर की बात। यहां पिछली बार कांग्रेस के मुदाहनुम गोडा सांसद बने थे। लेकिन इस बार जेडीएस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा खड़े हो रहे हैं। इस वजह से कांग्रेस और जेडीएस के कैडर के बीच तकरार बढ़ सकती है। भाजपा ने यहां बसावराजू को टिकट दिया है, ये लिंगायत से हैं। यहां वोक्कालिगा 35%, लिंगायत 25%, अहिंदा करीब 30% हैं। ऐन मौके पर टिकट वापस लिए जाने से नाराज एसपी मुदाहनुम गोडा अब निर्दलीय मैदान में हैं। एक और बात-देवेगौड़ा जब कर्नाटक के सीएम थे तब उन्होंने हेमावती नदी का एक हिस्सा हासन की ओर मोड़ दिया था। उस समय हासन देवेगौड़ा का चुनाव क्षेत्र था था और तुमकुर के सामने पानी की समस्या पैदा हो गई थी। तुमकुर वो दिन अभी तक भूला नहीं है।
मांड्या इस बार हाईप्रोफाइल सीट हो गई है। यहां से सीएम कुमारस्वामी के बेटे निखिल मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा समर्थित निर्दलीय सुमलता से है। वे दिवंगत अभिनेता अंबरीश की पत्नी हैं। रोचक यह है कि नामांकन के आखिरी दिन तक तीन और ‘सुमलथा’ निर्दलीय मैदान में आ गई हैं। हासन पूर्व पीएम देवेगौड़ा की सीट रह चुकी है। वे यहां से 5 बार सांसद रहे हैं। यहां वोक्कालिगा समुदाय 80% हैं। जो देवेगौड़ा के साथ दिखता है। यहां देवगौड़ा के पौत्र प्रज्जवला जेडीएस से मैदान में हैं। भाजपा ने ए मंजू को टिकट दिया है। वे पूर्व कांग्रेसी हैं। कभी कांग्रेस के नेता सिद्धारमैया का मजबूत गढ़ रहे मैसूर में पिछली बार भाजपा के प्रताप शिम्हा जीते थे। इस बार भी इन्हें टिकट दिया गया है।
पिछली बार वे ध्रुवीकरण के चलते जीते थे। इस बार हालात अलग हैं। यहां वोक्कालिगा 40%, ओबीसी 30% और लिंगायत 10% हैं। यह मुकाबला रोचक होगा। इस बार कांग्रेस ने विजय शंकर को टिकट दिया है। वे कर्बा हैं। इसी वर्ग से कांग्रेसी दिग्गज सिद्धारमैया भी हैं। चामराजनगर रिजर्व सीट है। पिछली बार कांग्रेस के आर ध्रुव नारायण जीते थे। इस बार भी पार्टी ने इन पर भरोसा जताया है। यहां से श्रीनिवास प्रसाद को भाजपा से टिकट मिला है। वे सिद्धारमैया सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इन्होंने कांग्रेस छोड़ी और भाजपा ज्वॉइन कर ली।
बेंगलुरु रूरल की बात करें तो यहां कांग्रेस की पकड़ दिखती है। पिछली बार कांग्रेस के डी केमपेगोडा सुरेश सांसद चुने गए थे। यहां वोक्कालिगा 45% हैं। इस बार भी कांग्रेस को बढ़त दिखती है। बेंगलुरु नॉर्थ में इस बार भी कुछ बदला नहीं है। केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा यहीं से सांसद चुने गए थे। इस बार भी भाजपा ने उन्हें टिकट दिया है। लोग कहते हैं- पिछली बार कांग्रेस के पास मजबूत उम्मीदवार न होने से भाजपा को फायदा हुआ था। इस बार भी कुछ ऐसा ही है। पहले ये सीट जेडीएस को दी गई थी। लेकिन बाद में कांग्रेस को दी गई। यहां से कांग्रेस के कृष्णा बायरे गौड़ा को टिकट मिला है।
बेंगलुरु सेंट्रल में भाजपा ने फिर पीसी माेहन को टिकट दिया है। पिछली बार वे भाजपा से सांसद बने थे। यहां जेडीएस और कांग्रेस अलग-अलग लड़ती रहीं है। इसके चलते वोट कटता गया। इस बार कांग्रेस ने रिजवान अरशद को उतारा है। कांग्रेस को बढ़त के आसार हैं। बेंगलुरु साउथ चर्चित सीटों में से एक है। यह भाजपा के दिग्गज नेता अनंत कुमार की सीट है। उनके निधन के बाद भाजपा ने 28 साल के तेजस्वी सूर्या पर दांव खेला है। वे भाजपा आईटी सेल के सदस्य रह चुके हैं। यहां से कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद उनके सामने हैं। वोक्कालिगा डोमिनेंट सीट होने से उनके जीतने की संभावना है।
चिकबल्लापुर में पिछली बार कांग्रेस के वीरप्पा मोईली सांसद बने थे। 1996 को छोड़कर ये सीट 1977 से 2014 तक कांग्रेस के पास ही रही है। इस बार भी पार्टी ने मोईली को ही टिकट दिया है। यहां से बीएन बच्चेगौड़ा भाजपा उम्मीदवार हैं। बच्चेगौड़ा को थोड़ा एडवांटेज मिल सकता हैं क्योंकि ये वोक्कालिगा हैं। जातीय नजरिए से देखें तो भाजपा का परंपरागत लिंगायत वोट भी उन्हें मिल सकता है। कोलार सीट 1991 से कांग्रेस के पास है। भाजपा ने यहां से एन मुनीस्वामी को मैदान में उतारा है। कांग्रेस के मुनियप्पा सात बार यह सीट जीत चुके हैं। ऐसे में मुनीस्वामी के मुकाबले ज्यादा दमदार दिखते हैं।
सिर्फ तीन वर्ग हैं- देवेगौड़ा (जेडीएस) से वोक्कालिगा, येदियुरप्पा (भाजपा) से लिंगायत और सिद्धारमैया (कांग्रेस) से अहिंदा वर्ग जुड़ा है। वोक्कालिगा करीब 50%, अिहंदा करीब 35% और लिंगायत करीब 10% हैं। कर्नाटक के पांच अलग-अलग क्षेत्रों में तीनों वर्ग का अपना-अपना दबदबा है लेकिन ओवरऑल बात करें तो कर्नाटक में लिंगायत गेम चेंजर है। यानी माना जाता है कि लिंगायत जिसे वोट देगा, कर्नाटक में सरकार उसी की बनेगी। वहीं पॉलिटिकल इक्वेशन पर राजनीतिक विश्लेषक एस ए हेमंत कुमार कहते हैं- कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन करके भाजपा का काम आसान किया है। जो कैडर सालों से एक-दूसरे के खिलाफ था, वह अब साथ काम करें, ये कैसे मुमकिन है। गठबंधन में ऊपर के लीडर तो मिल गए लेकिन कैडर नहीं मिला।
Friday, April 5, 2019
टेस्ला की बिक्री में रिकॉर्ड 31% गिरावट, शेयर 8% लुढ़का; मस्क को 6307 करोड़ रु. का नुकसान
न्यूयॉर्क. इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के शेयर में गुरुवार को 8.18% गिरावट आ गई। इससे कंपनी का मार्केट कैप 4.12 अरब डॉलर (28,428 करोड़ रुपए) घट गया। शेयर इसलिए गिरा क्योंकि जनवरी-मार्च तिमाही में टेस्ला की वाहन बिक्री 31% घट गई। कंपनी के इतिहास में यह सबसे बड़ी तिमाही गिरावट है। टेस्ला ने बुधवार को वाहन बिक्री के आंकड़े जारी किए थे।
मस्क की नेटवर्थ 91.4 करोड़ डॉलर घटी
टेस्ला के शेयर में गिरावट से सीईओ एलन मस्क की नेटवर्थ 91.4 करोड़ डॉलर (6306.6 करोड़ रुपए) घटकर 22.5 अरब डॉलर रह गई। उनकी नेटवर्थ में टेस्ला की शेयरहोल्डिंग शामिल है। गुरुवार को इंट्रा-डे में टेस्ला का शेयर 11% तक गिर गया था। इससे मस्क की नेटवर्थ में 1 अरब डॉलर तक का नुकसान दर्ज किया गया। लेकिन, बाद में कुछ भरपाई हो गई क्योंकि शेयर निचले स्तर से रिकवर हो गया और 8.18% की गिरावट के साथ कारोबार खत्म किया।
जनवरी-मार्च में टेस्ला ने 63000 कारें बेचीं
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के मुकाबले यह 31% कम है। जनवरी-मार्च में टेस्ला की बेस्ट सेलिंग कार- मॉडल 3 सेडान की 50,900 यूनिट बिकीं। लग्जरी- मॉडल एस सेडान और मॉडल एक्स एसयूवी की 12,100 यूनिट बिकीं। 2 साल में पहली बार टेस्ला की तिमाही बिक्री घटी है।
कोर्ट में पेश हुए एलन मस्क
अमेरिका के सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) से विवाद के मामले में मस्क गुरुवार को कोर्ट में पेश हुए। अदालत ने दोनों को विवाद सुलझाने के लिए 2 हफ्ते का वक्त दिया है। कमीशन की मंजूरी लिए बिना सोशल मीडिया पर कंपनी से जुड़े अपडेट पोस्ट करने और गलत जानकारी देन की वजह एसईसी ने मस्क खिलाफ केस दायर किया था। इससे पहले एक बार दोनों के बीच सेटलमेंट हो गया था लेकिन एसईसी का कहना है कि मस्क ने सेटलमेंट की शर्तों का पालन नहीं किया।
'अपने खेल को निखारने पर काम कर रहा हूं'
दरअसल, हार्दिक ने करण जौहर के टीवी शो ‘कॉफी विद करण' में महिलाओं पर विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उन्हें निलंबित कर दिया था। हालांकि, बाद में जांच पूरी होने तक निलंबन हटा लिया गया।
हार्दिक ने कहा, ''टीम की जीत में अहम योगदान देकर बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। यह मेरे लिए आसान नहीं था मैं अपने खेल को और निखारने पर काम कर रहा हूं। वर्ल्ड कप में मौका मिलने पर बेहतर प्रदर्शन करुंगा। मुझे पूरी उम्मीद है कि भारतीय टीम वर्ल्ड कप जीतेगी।''
मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट पर 170 रन बनाए। वहीं, चेन्नई की टीम 20 ओवर में आठ विकेट पर 133 रन ही बना सकी।
खेल डेस्क. आईपीएल के 15वें मैच में मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सुपरकिंग्स को 37 रन से हरा दिया। मैच खत्म होने के बाद जब दोनों टीमें ड्रेसिंग रूम में जा चुकी थी, तब चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अचानक वहां से उतरकर नीचे स्टैंड में आ गए। दरअसल, धोनी की एक बुजुर्ग महिला प्रशंसक उनका इंतजार कर रहीं थीं। ,उनके साथ एक युवती भी थी। धोनी उनके पास गए। दोनों से काफी देर तक बात की और तस्वीरें खिंचवाई।
मस्क की नेटवर्थ 91.4 करोड़ डॉलर घटी
टेस्ला के शेयर में गिरावट से सीईओ एलन मस्क की नेटवर्थ 91.4 करोड़ डॉलर (6306.6 करोड़ रुपए) घटकर 22.5 अरब डॉलर रह गई। उनकी नेटवर्थ में टेस्ला की शेयरहोल्डिंग शामिल है। गुरुवार को इंट्रा-डे में टेस्ला का शेयर 11% तक गिर गया था। इससे मस्क की नेटवर्थ में 1 अरब डॉलर तक का नुकसान दर्ज किया गया। लेकिन, बाद में कुछ भरपाई हो गई क्योंकि शेयर निचले स्तर से रिकवर हो गया और 8.18% की गिरावट के साथ कारोबार खत्म किया।
जनवरी-मार्च में टेस्ला ने 63000 कारें बेचीं
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के मुकाबले यह 31% कम है। जनवरी-मार्च में टेस्ला की बेस्ट सेलिंग कार- मॉडल 3 सेडान की 50,900 यूनिट बिकीं। लग्जरी- मॉडल एस सेडान और मॉडल एक्स एसयूवी की 12,100 यूनिट बिकीं। 2 साल में पहली बार टेस्ला की तिमाही बिक्री घटी है।
कोर्ट में पेश हुए एलन मस्क
अमेरिका के सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) से विवाद के मामले में मस्क गुरुवार को कोर्ट में पेश हुए। अदालत ने दोनों को विवाद सुलझाने के लिए 2 हफ्ते का वक्त दिया है। कमीशन की मंजूरी लिए बिना सोशल मीडिया पर कंपनी से जुड़े अपडेट पोस्ट करने और गलत जानकारी देन की वजह एसईसी ने मस्क खिलाफ केस दायर किया था। इससे पहले एक बार दोनों के बीच सेटलमेंट हो गया था लेकिन एसईसी का कहना है कि मस्क ने सेटलमेंट की शर्तों का पालन नहीं किया।
'अपने खेल को निखारने पर काम कर रहा हूं'
दरअसल, हार्दिक ने करण जौहर के टीवी शो ‘कॉफी विद करण' में महिलाओं पर विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उन्हें निलंबित कर दिया था। हालांकि, बाद में जांच पूरी होने तक निलंबन हटा लिया गया।
हार्दिक ने कहा, ''टीम की जीत में अहम योगदान देकर बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। यह मेरे लिए आसान नहीं था मैं अपने खेल को और निखारने पर काम कर रहा हूं। वर्ल्ड कप में मौका मिलने पर बेहतर प्रदर्शन करुंगा। मुझे पूरी उम्मीद है कि भारतीय टीम वर्ल्ड कप जीतेगी।''
मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट पर 170 रन बनाए। वहीं, चेन्नई की टीम 20 ओवर में आठ विकेट पर 133 रन ही बना सकी।
खेल डेस्क. आईपीएल के 15वें मैच में मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सुपरकिंग्स को 37 रन से हरा दिया। मैच खत्म होने के बाद जब दोनों टीमें ड्रेसिंग रूम में जा चुकी थी, तब चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अचानक वहां से उतरकर नीचे स्टैंड में आ गए। दरअसल, धोनी की एक बुजुर्ग महिला प्रशंसक उनका इंतजार कर रहीं थीं। ,उनके साथ एक युवती भी थी। धोनी उनके पास गए। दोनों से काफी देर तक बात की और तस्वीरें खिंचवाई।
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