Friday, May 24, 2019

17वीं लोकसभा में कैसी है मुसलमानों की स्थिति

लोकसभा में यूं तो भारतीय मुसलमानों का प्रतिनिधित्व आबादी के अनुपात के हिसाब से बहुत कम है लेकिन इस बार यानी 17वीं लोकसभा में पिछली लोकसभा के मुक़ाबले दो अधिक मुसलमान संसद पहुंचे हैं.

इस बार कुल 25 मुसलमान सांसद निर्वाचित हुए हैं जिनमें सबसे ज़्यादा छह उत्तर प्रदेश से हैं. पिछले लोकसभा चुनावों में एक भी मुसलमान सांसद उत्तर प्रदेश से संसद नहीं पहुंचा था. उपचुनावों में कैराना से तबस्सुम हसन ने जीत हासिल करके संसद में मुसलमानों का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन वो इस बार चुनाव हार गई हैं.

उत्तर प्रदेश के बाद सबसे ज़्यादा पांच मुसलमान सांसद पश्चिम बंगाल से संसद पहुंच रहे हैं. इनमें से चार तृणमूल कांग्रेस से हैं और एक कांग्रेस पार्टी से. इसके अलावा केरल और जम्मू और कश्मीर से तीन-तीन मुसलमान सांसद चुने गए हैं.

वहीं असम और बिहार से भी दो-दो मुसलमान संसद पहुचंगे. इसके अलावा महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पंजाब से एक-एक मुसलमान सांसद निर्वाचित हुए हैं.

चर्चित सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी सीट हैदराबाद से एक बार फिर जीत हासिल की है. वहीं मुस्लिम बहुल केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप से इस बार नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के टिकट से मोहम्मद फ़ैज़ल पीपी चुने गए हैं.

उत्तर प्रदेश में मुसलमानों के चर्चित नेता आज़म ख़ान रामपुर से जीत हासिल करने में कामयाब रहे हैं और अब वो संसद में मुसलमानों की आवाज़ मज़बूत करेंगे.

बीजेपी ने इस बार छह मुसलमानों को अपना उम्मीदवार बनाया था लेकिन इनमें से एक भी नहीं जीत सका है.

सत्ताधारी गठबंधन में सिर्फ़ एक मुसलमान सांसद लोकजनशक्ति पार्टी की ओर से चौधरी महबूब अली कैसर होंगे.

भारतीय संसद में सबसे ज़्यादा मुसलमान सांसद 1980 में चुने गए थे. इस साल 49 मुसलमान चुनकर संसद पहुंचे थे.

वहीं 1984 के चुनावों में भी 45 मुसलमान सांसद चुने गए थे. आज़ाद भारत में जब पहली बार 1952 में चुनाव हुए तो 25 मुसलमान संसद पहुंचे थे.

Wednesday, May 8, 2019

广东招生办:瞒报漏报“高考移民”者都将严肃追责

  中新网5月8日电 据广东省教育考试院网站消息,广东省招生委员会办公室发布关于落实治理“高考移民”工作要求的通知。通知指出,凡出现瞒报、错报、漏报,或者治理“高考移民”工作不力者,将予以严肃追责和问责。

  通知提到,各地市考试招生机构要在当地教育行政部门统一领导下,进一步加强与当地公安部门沟通联系,采取有力措施,落实和压实高考报名资格复查工作责任,认真组织辖区内县(市、区)招生办公室和报名点(中学)依法依规做好高中阶段外省户籍、学籍迁入我省考生的报名资格复查工作。

  通知强调,各地要严格按照相关文件精神和要求,会同公安机关重点对高中阶段将户籍、学籍从外省迁入我省或户籍为外省的高考报名考生的资格复查,认真审核考生报名资料,核查户籍迁入是否合规、学籍和学习是否存在“人籍分离、空挂学籍、学籍造假、在册不在校、在校不在籍”等情况,核查报名手续是否规范,跨市借考、往届生报名是否符合规定,等等。各地级招生办公室(考试中心)要组织好本地县(市、区)招生办公室、各报名点(中学)严格按上述高考报名政策开展全面的报名资格复查。

  通知指出,高考报名资格复查工作事关教育公平及社会稳定。各级教育行政部门和考试招生机构要高度重视,增强责任意识,积极主动作为,确保治理“高考移民”工作平稳有序。各地市招生办公室要根据公安、教育行政部门对户籍、学籍核查认定的事实以及报名、借考是否规范等,对复查中发现不符合我省高考报名条件的考生,要按照程序和规定,一律取消其在本地或我省高考报名资格,杜绝不符合报考条件的考生在我省参加高考。凡出现瞒报、错报、漏报,或者治理“高考移民”工作不力者,将予以严肃追责和问责。有关复查及处理情况请各市招生办公室务必于2019年5月15日前上报省教育考试院高招处。

  二是推动移动网络扩容升级。针对地铁(城铁)、机场、高铁、学校、医疗卫生机构、大型场馆、高密度住宅小区和大型商务楼宇等流量热点区域以及覆盖薄弱地区,进一步完善4G网络覆盖,加大载波聚合等4G演进技术的部署力度,全年扩容及新建4G基站超过60万个,满足人民群众日益增长的流量需求。鼓励制订分场景、分业务的移动网络质量标准,不断改善移动用户上网体验。继续推动5G技术研发和产业化,促进系统、芯片、终端等产业链进一步成熟。组织开展5G国内标准研制工作,加快5G网络建设进程,着力打造5G精品网络。指导各地做好5G基站站址规划等工作,进一步优化5G发展环境。

  三是深化电信普遍服务试点。加大对“三区三州”深度贫困地区宽带网络建设支持力度,着力补齐贫困地区网络基础设施发展短板。加快推进电信普遍服务试点已部署项目进度,组织实施新一批试点,继续支持行政村和偏远地区4G基站建设,实现行政村4G覆盖率超过98%。组织开展行政村通宽带情况全面摸查,推动尚未安装普遍服务定制光猫的行政村新增宽带用户优先安装普遍服务定制光猫,逐步实现对全国行政村通宽带情况的动态精准掌握。进一步完善电信普遍服务管理支撑平台功能。

  四是持续完善网络架构。持续做好互联互通工作,进一步推进骨干网网间带宽扩容,优化我国骨干网络架构和流量调度机制,实现网间扩容2500G。加快国际通信网络出入口带宽扩容,优化国际互联网流量调度,力争大幅提升国际互联带宽和流量转接能力。鼓励基础电信企业积极开展试点示范,利用SDN(软件定义网络)、NFV(网络功能虚拟化)、云计算、边缘计算等多种技术,持续提升网络效率和服务能力。

  五是增强互联网应用能力。推动互联网企业着力提升网站和应用服务能力,保障用户的基本带宽配置,优化资源调配流程。引导和支持互联网企业在中西部省份和东北地区加强CDN(内容分发网络)节点建设,推动CDN向网络边缘延伸,实现互联网信息源的高速接入和就近访问,持续改善用户上网体验。加快应用基础设施IPv6改造进度,推动数据中心运营企业完成大型以上数据中心内部网络和出口设备的IPv6改造,推动CDN服务企业完成CDN节点的IPv6改造,实现开通IPv6带宽达到IPv4带宽的10%,推动云服务平台企业完成70%的公有云产品IPv6改造,满足更多互联网业务需求。

  六是着力远程教育网络覆盖。联合教育部开展学校联网攻坚行动,结合电信普遍服务、网络扶贫等工作,加快提升学校网络接入和带宽能力,实现全国中小学宽带网络接入率达到97%以上,普遍具备百兆接入能力。推动基础电信企业面向远程教育推出免费提速、资费折扣等网络提速降费举措。推动制订远程教育网络、应用质量等标准规范,面向不同规模学校开展多种类型远程教育教学提供指导支持。

Thursday, May 2, 2019

इंडोनेशिया अपनी राजधानी क्यों बदलना चाहता है

सवाल: इंडोनेशिया की राजधानी क्या है? जवाब: 'जकार्ता'. लेकिन जल्द दी इस सवाल का जवाब बदल सकता है.

मतलब इंडोनेशिया अपनी राजधानी को जकार्ता से कहीं और ले जा सकता है. ये घोषणा इंडोनेशिया के योजना मंत्री ने की है.

बमबैंग ब्रोजेनेगोरो ने कहा कि राष्ट्रपति जोको विडोडो ने 'एक अहम फैसले' में राजधानी को दूसरी जगह ले जाने के बारे में कहा है.

नई राजधानी किस जगह होगी, अभी तक इस बारे में तो कोई जानकारी नहीं दी गई है.

हालांकि स्थानीय मीडिया के मुताबिक 'पलानकोराया' का नाम सबसे आगे है.

'पलानकोराया' बोर्नियो द्वीप पर स्थित है और सेंट्रल कालिमैनटन के उत्तर-पूर्व में कुछ सौ किलोमीटर दूर है.

जकार्ता एक करोड़ लोगों का घर है. लेकिन इंडोनेशिया की ये मौजूदा राजधानी दुनिया में सबसे तेज़ी से डूबते शहरों में से एक है.

दरअसल इंडोनेशिया दलदली ज़मीन के किनारे पर बसा है, जहां 13 नदियां एक दूसरे को काटती हैं.

शोधकर्ताओं के मुताबिक इस शहर का बड़ा हिस्सा साल 2050 तक डूब सकता है.

उत्तरी जकार्ता हर साल औसतन 1-15 सेंटीमीटर डूबता जा रहा है.

आधा जकार्ता समुद्र तल से नीचे है. इसकी मुख्य वजहों में से एक है पीने और नहाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ग्राउंडवाटर की निकासी.

साल 2016 के एक सर्वे में सामने आया था कि महानगर जकार्ता का ट्रैफिक दुनिया में सबसे ज़्यादा खराब है. सरकार के मंत्रियों को बैठकों में समय पर पहुंचने के लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ती है.

योजना मंत्री के मुताबिक जकार्ता की ट्रैफिक की समस्या की वजह से अर्थव्यवस्था को हर साल 6.8 अरब डॉलर का नुकसान होता है.

पिछले दो दशकों से सरकार को विकेंद्रित करने का बड़ा प्रोग्राम चल रहा है, ताकि नगरपालिकाओं को ज़्यादा वित्तीय संसाधन और राजनीतिक ताकत दी जा सके.

एक था कि मौजूदा राजधानी में सरकारी दफ्तरों के लिए एक स्पेशल ज़ोन बनाया जाए; दूसरा था कि उन्हें जकार्ता के बाहर भेज दिया जाए; और तीसरा विकल्प था कि किसी दूसरे द्वीप पर एक बिल्कुल नई राजधानी बना दी जाए. राष्ट्रपति को तीसरा विकल्प ठीक लगा.

ख़बरें तो हैं कि पलानकोराया को इंडोनेशिया की नई राजधानी बनाया जा सकता है, लेकिन पलानकोराया के लोगों ने इस मुद्दे पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी.

हाईस्कूल में पढ़ने वाले एक छात्र ने बीबीसी से कहा, "मुझे उम्मीद है कि शहर का विकास होगा और यहां भी जकार्ता जितनी अच्छी शिक्षा मिल सकेगी. लेकिन यहां की खाली ज़मीन और जंगलों का इस्तेमाल किया जाएगा. कालिमैनटन दुनिया के फेफड़े हैं और मैं चिंतित हूं कि हम अपने बचे हुए जंगलों को खो देंगे."

योजना मंत्री ब्रोजेनेगोरो का कहना है कि इस प्रक्रिया में 10 साल लग सकते हैं. उन्होंने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि अगर दूसरे देश ये कर सकते हैं तो इंडोनेशिया भी कर सकता है.

उन्होंने कहा, "ब्राज़ील, कज़ाकस्तान, म्यांमार ने राजधानियां बदली हैं."

ये घोषणा ऐसे वक्त में हुई है जब राष्ट्रपति विडोडो ने पूरे देश के हर हिस्से में आर्थिक तरक्की करने की प्रतिबद्धता जताई है.

इंडोनेशिया में इस महीने की शुरुआत में ही आम चुनाव हुए हैं, जिसमें विडोडो ने जीत की घोषणा की है. हालांकि आधिकारिक नतीजे 22 मई तक घोषित नहीं किए जाएंगे.

इंडोनेशिया के संस्थापक सुकार्णों ने भी पलानकोराया को राजधानी बनाने का प्रस्ताव दिया था.

साल 1945 में डचों से आज़ादी मिलने के बाद से इंडोनेशिया की राजधानी को बदलने पर कई बार विचार हुआ है. लेकिन छह राष्ट्रपति ये नहीं कर पाए.