中新网2月25日电(何路曼)当地时间24日,为期40天的“颜真卿特别展”在日本东京国立博物馆(东博)落幕。这场展览因台北故宫将镇馆之宝《祭侄文稿》外借而引发的争议,不会随着展期结束而画上句号。蔡英文当局尽显“媚态”和“软独”背后的心思昭然若揭,但阻挡不住的,却是两岸民众对中华民族历史文化的认同与归属。
2019年2月23日下午,日本东京国立博物馆,观众为参观“颜真卿特别展”排队。(图片来源:受访者供图)
漂洋过海,“天下第二行书”引发的争议
唐肃宗乾元元年(公元758年),颜真卿收复常山郡,命人至河北寻得颜季明头颅,挥泪写下《祭侄文稿》一文,23行,每行十一二字不等,共234字。这个在中国书法史上公认的“天下第二行书”,2012年时被台当局核定为“国宝”。
为了欣赏这一难得一见的真迹,很多中国游客特地飞往日本。有参观者表示,“早上9点去了东博,买票30分钟,进馆60分钟”,“不过能够亲眼一睹,真的还是很值得”。也有中国观众感叹,在异国他乡看到充满家仇国恨的悲壮祭文,“内心忍不住感到沉痛”。
台北故宫出借唐代颜真卿“祭侄文稿”给东京国立博物馆,1月15日首度亮相。(图片来源:台湾“中央社”记者杨明珠摄)
据悉,《祭侄文稿》被安排在一个独立的展厅,展出规格较高,除中文古文外,内容还被翻译成了日、英、韩等语言。《祭侄文稿》前有数位工作人员专门看护管理,观众需要排队,且不被允许在作品前持续停留。
2月23日,展览结束的前一天,在日本工作的华人张先生排了近2个小时的队,才看到《祭侄文稿》的庐山真面目。他对中新网记者表示,“里面全部禁止拍照,查的也挺严的,手机都不能掏出来”,直到晚上6点,依然有很多人在排队等待参观。张先生说:“看到日本人对中国文化那么感兴趣,感觉很自豪。”
“颜真卿特别展”于2019年1月16日至2月24日,在日本东京国立博物馆展出。(图片来源:受访者供图)
然而,此次展览中的一个细节,引发了中日网友的不满——一款《祭侄文稿》样式的点心盒,以及用《祭侄文稿》中汉字制成的酱油碟,出现在展览文创商品区。
一篇被称为“字字泣血,铁骨铮铮”的祭文,竟变成了点心的包装封面。
有网友感慨,不知买了这盒点心的日本参观者,如果知道这段历史,是否还吃得下去。还有网友批评道,“用祭文做这种商品太不合适了”。“这是对宝藏的侮辱”,在社交媒体上,也有日本网民认为这样做不尊重作品。
而对于日本文创商品的争议,再次让台北故宫博物院将如此珍贵的文物送去日本展出的行为,受到质疑。
这一尽显“媚态”的做法,在展览开幕前就引发了两岸民众的批评。有岛内网友直讽民进党是“卖台集团”。还有网友痛批,“‘国宝’是全民的,不是给你(民进党)当权者的”。台湾评论家黄智贤说:“我无以言喻我的悲哀与愤怒!”
华东师范大学思勉高等人文研究院研究员樊波成表示,《祭侄文稿》几乎可以说是唐代书法的最高代表,而且是富有感情的真迹、无法复制。《祭侄文稿》纸卷出炉近1400年,其脆弱可想而知,堪称“展一次伤一次”。
其实,这已经不是台湾当局第一次在文化方面因做法不当,而招致批评不满了。自蔡英文当局上台以来,“文化台独”的现象愈演愈烈。
宣布废止课纲微调、禁止大陆及港澳学者借阅台湾“国史馆”资料、撤除台北故宫南院十二兽首陈列、拆除台湾抗战纪念碑……蔡英文的一系列举动,不仅撕裂台湾社会,还制造了两岸对立。
蔡英文当局刻意“洗绿”台湾“中华文化总会”。岛内舆论直指此举乃变“中华文化总会”为“台湾文化总会”之先声,必定造成两岸文化认同的障碍。
此外,蔡英文阵营更有人抛出应禁止台湾青少年“扯铃(空竹)”,因为“扯铃也是中国文化,是帮中国统战”的奇谈怪论,引发岛内舆论强烈反对。
Monday, February 25, 2019
Tuesday, February 19, 2019
Redmi Note 7 से एक दिन पहले भारत आएगा Galaxy M30
Xiaomi का मोस्ट हाइप्ड स्मार्टफोन Redmi Note 7 भारत में 28 फरवरी को लॉन्च होगा. सैमसंग इससे ठीक एक दिन पहले Galaxy M30 लॉन्च करेगा. जाहिर है, इंडियन मार्केट में इन दोनों स्मार्टफोन्स की कड़ी टक्कर होने वाली है. इससे पहले सैमसंग ने भारत में Galaxy M10, M20 लॉन्च किया है.
अब तक सैमसंग ने इसके हार्डवेयर के बारे में कुछ ज्यादा शेयर नहीं किया है. हालांकि इसमें 6.4 इंच की फुल एचडी सुपर एमोलेड डिस्प्ले होगी. इसमें Infinity U डिस्प्ले यूज किया गया है. इस स्मार्टफोन में ट्रिपल रियर कैमरा है और रियर फिंगरप्रिंट स्कैनर भी दिया गया है.
लीक्ड रिपोर्ट के मुताबिक इस स्मार्टफोन में 5,000mAh की बैटरी दी जाएगी. तीन रियर कैमरे में – एक सेंसर 13 मेगापिक्सल का, दूसरा और तीसरा 5 मेगापिक्सल का हो सकता है. सेल्फी के लिए इसमें 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा होगा. इस स्मार्टफोन के दो मेमोरी वेरिएंट्स लॉन्च हो सकते हैं – इनमें 4GB रैम के साथ 64GB, जबकि दूसरे वेरिएंट में 6GB रैम के साथ 128GB की इंटर्नल स्टोरेज दी जा सकती है.
यह स्मार्टफोन भारत में 27 फरवरी को शाम 6 बजे लॉन्च होगा. इसे सिर्फ ई-कॉमर्स कंपनी ऐमेजॉन इंडिया से बेचा जाएगा. इसके बाद ये दूसरे मार्केट में भी लॉन्च हो सकता है. Galaxy M30 में कंपनी इनहाउस Exynos 7904 प्रोसेसर दे सकती है.
सैमसंग से जुड़ी दूसरी खबरों की बात करें तो कंपनी सैन फ्रैंसिस्को में अनपैक्ड इवेंट आयोजित कर रही है. इस दौरान कंपनी अपने फ्लैगशिप Galaxy S10 और फोल्डेबल स्मार्टफोन लॉन्च करेगी. इवेंट 20 फरवरी को है, लेकिन भारतीय समयानुसार ये रात के 12.10 बजे से शुरू होगा. इस दौरान स्मार्टफोन सहित कंपनी स्मार्ट वॉच भी लॉन्च कर सकती है. स्मार्टफोन का डिजाइन और कॉन्सेप्ट लीक हुआ है और इसमें कंपनी ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दे सकती है. इस बार कंपनी सॉफ्टवेयर में भी बड़े बदलाव कर सकती है.
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले को लेकर मंगलवार को सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई. सेना ने साफ तौर पर कहा कि पुलवामा हमले का मुख्य साजिशकर्ता पाकिस्तान ही है. चिनार कॉर्प्स के लेफ्टिनेंट जनरल केजीएस ढिल्लन ने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की मदद से जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में आतंकी हमला किया.
सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजीएस ढिल्लन ने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान का ही एक बच्चा है, जैश जो भी करता है वह पाकिस्तानी सेना के कहने पर ही करता है.
केजीएस ढिल्लन ने खुली चेतावनी देते हुए कहा कि यहां कितने गाजी आए और कितने चले गए. जो भी आतंकी जम्मू-कश्मीर की जमीन पर घुसेगा वो मारा जाएगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना और ISI जैश-ए-मोहम्मद को कंट्रोल कर रही है.
उन्होंने खुली चेतावनी दी जो भी व्यक्ति घाटी में बंदूक उठाएगा वो मारा जाएगा. पुलवामा हमले के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमने हमला होने के 100 घंटे के भीतर ही इसके मास्टरमाइंड को मार गिराया.
सेना ने इस दौरान पाकिस्तान की जमीन पर चल रहे आतंकी कैंपों, पुलवामा हमले में इस्तेमाल किए गए सामान के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार किया और कहा कि क्योंकि ये जानकारी ऑपरेशनल है इसलिए नहीं बता सकते हैं.
सोमवार को 18 घंटे तक चले पुलवामा एनकाउंटर में जैश-ए-मोहम्मद का घाटी प्रमुख कामरान, विदेशी आतंकी राशिद उर्फ गाजी और लोकल आतंकी हिलाल को मार गया था. इन्होंने ही पुलवामा हमले की साजिश रची थी जिसमें CRPF के 40 जवान शहीद हुए थे.
अब तक सैमसंग ने इसके हार्डवेयर के बारे में कुछ ज्यादा शेयर नहीं किया है. हालांकि इसमें 6.4 इंच की फुल एचडी सुपर एमोलेड डिस्प्ले होगी. इसमें Infinity U डिस्प्ले यूज किया गया है. इस स्मार्टफोन में ट्रिपल रियर कैमरा है और रियर फिंगरप्रिंट स्कैनर भी दिया गया है.
लीक्ड रिपोर्ट के मुताबिक इस स्मार्टफोन में 5,000mAh की बैटरी दी जाएगी. तीन रियर कैमरे में – एक सेंसर 13 मेगापिक्सल का, दूसरा और तीसरा 5 मेगापिक्सल का हो सकता है. सेल्फी के लिए इसमें 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा होगा. इस स्मार्टफोन के दो मेमोरी वेरिएंट्स लॉन्च हो सकते हैं – इनमें 4GB रैम के साथ 64GB, जबकि दूसरे वेरिएंट में 6GB रैम के साथ 128GB की इंटर्नल स्टोरेज दी जा सकती है.
यह स्मार्टफोन भारत में 27 फरवरी को शाम 6 बजे लॉन्च होगा. इसे सिर्फ ई-कॉमर्स कंपनी ऐमेजॉन इंडिया से बेचा जाएगा. इसके बाद ये दूसरे मार्केट में भी लॉन्च हो सकता है. Galaxy M30 में कंपनी इनहाउस Exynos 7904 प्रोसेसर दे सकती है.
सैमसंग से जुड़ी दूसरी खबरों की बात करें तो कंपनी सैन फ्रैंसिस्को में अनपैक्ड इवेंट आयोजित कर रही है. इस दौरान कंपनी अपने फ्लैगशिप Galaxy S10 और फोल्डेबल स्मार्टफोन लॉन्च करेगी. इवेंट 20 फरवरी को है, लेकिन भारतीय समयानुसार ये रात के 12.10 बजे से शुरू होगा. इस दौरान स्मार्टफोन सहित कंपनी स्मार्ट वॉच भी लॉन्च कर सकती है. स्मार्टफोन का डिजाइन और कॉन्सेप्ट लीक हुआ है और इसमें कंपनी ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दे सकती है. इस बार कंपनी सॉफ्टवेयर में भी बड़े बदलाव कर सकती है.
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले को लेकर मंगलवार को सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई. सेना ने साफ तौर पर कहा कि पुलवामा हमले का मुख्य साजिशकर्ता पाकिस्तान ही है. चिनार कॉर्प्स के लेफ्टिनेंट जनरल केजीएस ढिल्लन ने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की मदद से जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में आतंकी हमला किया.
सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजीएस ढिल्लन ने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान का ही एक बच्चा है, जैश जो भी करता है वह पाकिस्तानी सेना के कहने पर ही करता है.
केजीएस ढिल्लन ने खुली चेतावनी देते हुए कहा कि यहां कितने गाजी आए और कितने चले गए. जो भी आतंकी जम्मू-कश्मीर की जमीन पर घुसेगा वो मारा जाएगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना और ISI जैश-ए-मोहम्मद को कंट्रोल कर रही है.
उन्होंने खुली चेतावनी दी जो भी व्यक्ति घाटी में बंदूक उठाएगा वो मारा जाएगा. पुलवामा हमले के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमने हमला होने के 100 घंटे के भीतर ही इसके मास्टरमाइंड को मार गिराया.
सेना ने इस दौरान पाकिस्तान की जमीन पर चल रहे आतंकी कैंपों, पुलवामा हमले में इस्तेमाल किए गए सामान के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार किया और कहा कि क्योंकि ये जानकारी ऑपरेशनल है इसलिए नहीं बता सकते हैं.
सोमवार को 18 घंटे तक चले पुलवामा एनकाउंटर में जैश-ए-मोहम्मद का घाटी प्रमुख कामरान, विदेशी आतंकी राशिद उर्फ गाजी और लोकल आतंकी हिलाल को मार गया था. इन्होंने ही पुलवामा हमले की साजिश रची थी जिसमें CRPF के 40 जवान शहीद हुए थे.
Wednesday, February 13, 2019
शेन वॉर्न ने टीम इंडिया को दिया सुझाव- ऋषभ पंत से कराए ये काम
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व लेग स्पिनर शेन वॉर्न 'क्रिकेट पंडित' के रूप में अपनी 'विचित्र भविष्यवाणियों' के लिए प्रसिद्ध हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज से पहले वह भारतीय टीम के लिए एक दिलचस्प सुझाव लेकर आए हैं.
वॉर्न का कहना है कि विश्व कप में रोहित शर्मा के साथ ऋषभ पंत से पारी की शुरुआत करानी चाहिए. उन्होंने इंडिया टुडे से कहा कि पंत को एक-दो मैचों में इस नई भूमिका में परखना चाहिए कि वह कैसा खेलते हैं. वर्ल्ड कप से पहले उन्हें प्रयोग के तौर ऑस्ट्रेलिया सीरीज में आजमाया जा सकता है.
49 साल के वॉर्न ने शिखर धवन के बारे में कहा कि उन्हें कहीं और उतारा जा सकता है. भारत के पास बहुत सारे खिलाड़ी हैं, जो विभिन्न भूमिकाओं में खुद को उपयोगी साबित कर सकते हैं.
ये भी पढ़ें- सहवाग को चेताया- ऑस्ट्रेलिया का मजाक मत उड़ाओ, वर्ल्ड चैम्पियन हम ही हैं
विकेटकीपर के रूप में महेंद्र सिंह धोनी अब भी सीमित ओवरों के प्रारूप में पहली पसंद हैं. वॉर्न का मानना है कि धोनी और पंत दोनों एक साथ टीम इंडिया में खेल सकते हैं. पंत को विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में उतारा जा सकता है.
वॉर्न ने माना कि रोहित शर्मा ओर शिखर धवन की सलामी जोड़ी ने कई शानदार प्रदर्शन किए हैं. लेकिन वर्ल्ड कप में ऋषभ पंत को ओपनर के तौर उतारकर भारतीय टीम अपनी प्रतिद्वंद्वी टीमों को चौंका सकती है.
वॉर्न का यह सुझाव शिखर धवन के लिए झटका हो सकता है, जो पिछले दो प्रमुख 50 ओवरों के टूर्नामेंट (चैम्पियंस ट्रॉफी-2017 और पिछले साल एशिया कप) के दौरान शानदार लय में रहे.
गौरतलब है कि बीएसएनल भारत में, लैंडलाइन और ब्रॉडबैंड सर्विस सहित बैंडविथ का बिजनेस करती है. इसने 2016-17 में 4,793 करोड़ रुपये का नुकसान दिखाया है. हालांकि अब तक 2017-18 की आर्थिक स्थिति नहीं बताई गई है. पिछले तीन साल से लगातार बीएसएनल नुकसान में है. डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक बीएसएनल को ‘Incipient Sick’ घोषित किया गया है.
बीएसएनल के एक प्रवक्ता ने TOI को बताया है, ‘बीएसएनल ने सरकार से कहा है कि मार्केट में ‘कट थ्रोट’ कॉम्पटीशन के अलावा कंपनी बढ़ती उम्र वाले ज्यादा कर्मचारियों की वजह से मुश्किल में है. अगर 2019-20 से रिटायरमेंट की आयु कम दी जाती है तो बिल में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की बचत होगी’
पिछले कुछ सालों से बीएसएनल का स्ट्रगल ज्यादा बढ़ गया है. इसकी वजह मार्केट में जियो की आमद है. जियो के साथ ही लगभग सभी प्राइवेट कंपनियों ने अपने प्लान सस्ते कर दिए. कई कंपनियां मर्ज हो गईं, कुछ कंपनियां बाजार से साफ हो गई और ऐसे में मार्केट में बने रहने के लिए बीएसनएल ने भी अपने प्लान को रिलायंस जियो से मैच किया है. हालांकि बीएसएनल पिछले कुछ साल में दूसरे कंपनियों के मुकाबले 4G अपग्रेड में फेल रही है और फाइबर सर्विस देने में भी कंपनी ने दूसरों के मुकाबले कुछ देरी कर दी है.
वॉर्न का कहना है कि विश्व कप में रोहित शर्मा के साथ ऋषभ पंत से पारी की शुरुआत करानी चाहिए. उन्होंने इंडिया टुडे से कहा कि पंत को एक-दो मैचों में इस नई भूमिका में परखना चाहिए कि वह कैसा खेलते हैं. वर्ल्ड कप से पहले उन्हें प्रयोग के तौर ऑस्ट्रेलिया सीरीज में आजमाया जा सकता है.
49 साल के वॉर्न ने शिखर धवन के बारे में कहा कि उन्हें कहीं और उतारा जा सकता है. भारत के पास बहुत सारे खिलाड़ी हैं, जो विभिन्न भूमिकाओं में खुद को उपयोगी साबित कर सकते हैं.
ये भी पढ़ें- सहवाग को चेताया- ऑस्ट्रेलिया का मजाक मत उड़ाओ, वर्ल्ड चैम्पियन हम ही हैं
विकेटकीपर के रूप में महेंद्र सिंह धोनी अब भी सीमित ओवरों के प्रारूप में पहली पसंद हैं. वॉर्न का मानना है कि धोनी और पंत दोनों एक साथ टीम इंडिया में खेल सकते हैं. पंत को विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में उतारा जा सकता है.
वॉर्न ने माना कि रोहित शर्मा ओर शिखर धवन की सलामी जोड़ी ने कई शानदार प्रदर्शन किए हैं. लेकिन वर्ल्ड कप में ऋषभ पंत को ओपनर के तौर उतारकर भारतीय टीम अपनी प्रतिद्वंद्वी टीमों को चौंका सकती है.
वॉर्न का यह सुझाव शिखर धवन के लिए झटका हो सकता है, जो पिछले दो प्रमुख 50 ओवरों के टूर्नामेंट (चैम्पियंस ट्रॉफी-2017 और पिछले साल एशिया कप) के दौरान शानदार लय में रहे.
गौरतलब है कि बीएसएनल भारत में, लैंडलाइन और ब्रॉडबैंड सर्विस सहित बैंडविथ का बिजनेस करती है. इसने 2016-17 में 4,793 करोड़ रुपये का नुकसान दिखाया है. हालांकि अब तक 2017-18 की आर्थिक स्थिति नहीं बताई गई है. पिछले तीन साल से लगातार बीएसएनल नुकसान में है. डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक बीएसएनल को ‘Incipient Sick’ घोषित किया गया है.
बीएसएनल के एक प्रवक्ता ने TOI को बताया है, ‘बीएसएनल ने सरकार से कहा है कि मार्केट में ‘कट थ्रोट’ कॉम्पटीशन के अलावा कंपनी बढ़ती उम्र वाले ज्यादा कर्मचारियों की वजह से मुश्किल में है. अगर 2019-20 से रिटायरमेंट की आयु कम दी जाती है तो बिल में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की बचत होगी’
पिछले कुछ सालों से बीएसएनल का स्ट्रगल ज्यादा बढ़ गया है. इसकी वजह मार्केट में जियो की आमद है. जियो के साथ ही लगभग सभी प्राइवेट कंपनियों ने अपने प्लान सस्ते कर दिए. कई कंपनियां मर्ज हो गईं, कुछ कंपनियां बाजार से साफ हो गई और ऐसे में मार्केट में बने रहने के लिए बीएसनएल ने भी अपने प्लान को रिलायंस जियो से मैच किया है. हालांकि बीएसएनल पिछले कुछ साल में दूसरे कंपनियों के मुकाबले 4G अपग्रेड में फेल रही है और फाइबर सर्विस देने में भी कंपनी ने दूसरों के मुकाबले कुछ देरी कर दी है.
Wednesday, February 6, 2019
महिला ख़तना- समझिए इस असहनीय पीड़ा के असर को
संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, 20 महिलाओं या लड़कियों में से कम से कम एक शख़्स के साथ किसी न किसी प्रकार के फ़ीमेल जेनिटल म्युटिलेशन (एफ़जीएम) यानी महिला ख़तना हुआ होता है.
दुनिया में इस समय 20 करोड़ ऐसी महिलाएं हैं जिनके गुप्तांग को किसी न किसी प्रकार काटा गया है या हटाया गया है.
महिलाओं में ख़तने (एफ़जीएम) को पूरी तरह रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय दिवस की घोषणा की है जो हर साल छह फ़रवरी को होता है.
महिलाओं और लड़कियों के गुप्तांगों को बचपन में या फिर किशोर अवस्था में ही काट दिया जाता है.
ख़तने के कारण शारीरिक और मानसिक दिक़्क़तें होती हैं जो अक्सर पूरी ज़िंदगी भर चलती है.
कीनिया की इसियोलो काउंटी के बोराना समुदाय से आने वालीं बिशारा शेख हामो कहती हैं, "जब मैं 11 साल की थी तब मेरा ख़तना हुआ था."
"मेरी दादी ने बताया कि यह ख़तना हर लड़की की ज़रूरत है जो उसे पवित्र करता है."
लेकिन बिशारा को यह नहीं बताया गया कि इससे उन्हें अनियमित माहवारी, जीवन भर मूत्राशय की समस्याएं, कई प्रकार के संक्रमण होंगे. इसके अलावा वह केवल ऑपरेशन के ज़रिए ही बच्चे को जन्म दे पाएंगी.
फ़ीमेल जेनिटल म्युटिलेशन या एफ़जीएम यानी ख़तना ऐसी एक प्रक्रिया है जिसमें जानबूझकर महिला के बाहरी गुप्तांग को काट दिया दिया जाता है या उसे हटा दिया जाता है.
इसमें अक्सर महिला गुप्तांग की मुड़ी हुई त्वचा (लेबिया) और क्लाइटोरिस को हटाया या काट दिया जाता है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि ऐसी कोई भी प्रक्रिया जो बिना मेडिकल कारणों के महिला गुप्तांग को नुकसान पहुंचाती है वह इस श्रेणी में आती है.
एफ़जीएम महिलाओं और लड़कियों को शारीरिक और मनोवैज्ञानिक रूप से नुक़सान पहुंचाता है और इस प्रथा के कोई स्वास्थ्य लाभ नहीं हैं.
यह बहुत ही विचलित करने वाला है और महिलाओं के संबंधों को नुकसान पहुंचाता है. यह अक्सर महिलाओं की इच्छा के ख़िलाफ़ होता है या उन पर थोपा जाता है.
मिस्र की फ़िल्म निर्माता और ब्लॉगर ओमनिया इब्राहीम कहती हैं, "आप एक बर्फ़ के टुकड़े की तरह हैं. आप कुछ नहीं महसूस करती हैं, आप प्रेम नहीं करती हैं और आपकी कोई इच्छा नहीं होती है."
ओमनिया अपने पूरे व्यस्क जीवन में ख़तने के मनोवैज्ञानिक प्रभावों से जूझती आईं.
वह कहती हैं, "मैं अपनी यौन इच्छा की सोच से जूझती रही हूं, मुझे यह कैसे पता चलेगी? मैं हमेशा ख़ुद से पूछती थी, क्या मैं सेक्स से नफ़रत करती हूं क्योंकि मुझे इससे डरना सिखाया गया था या क्या मुझे वास्तव में इसकी कोई परवाह नहीं है?"
कीनिया में बिशारा का चार अन्य लड़कियों के साथ किस तरह ख़तना किया गया इसके बारे में वह बीबीसी को बताती हैं, "मेरी आंखों पर पट्टी बांध दी गई थी. इसके बाद उन्होंने मेरे हाथ पीछे की ओर बांध दिए. मेरी टांगें खोल दी गईं और इसके बाद उन्होंने मेरे जननांग की बाहरी परत को नीचे की ओर खींच दिया."
"कुछ मिनटों बाद मैंने तेज़ दर्द महसूस किया. मैं चीखी-चिल्लाई लेकिन किसी ने मुझे नहीं सुना. मैंने ख़ुद को छुड़ाने के लिए लात मारी लेकिन मेरी टांगें मज़बूती से पकड़ी गई थीं."
वह कहती हैं कि यह बहुत 'दर्दनाक' थी. उन्होंने इसी तरह से सभी लड़कियों के साथ ऐसा किया.
वह कहती हैं कि दर्द रोकने के लिए केवल कुछ पारंपरिक देसी दवाएं थीं.
"ज़मीन पर एक गड्ढा था जिसमें एक प्रकार की जड़ी-बूटी होती थी. उन्होंने बकरियों की तरह मेरे पैर बांधे और वह जड़ी-बूटी रगड़ दी. इसके बाद उन्होंने कहा, अगली लड़की फिर वह एक के बाद अन्य लड़कियों के साथ यह करते गए."
एफ़जीएम कई देशों में ग़ैर-क़ानूनी है. हालांकि, अफ़्रीका, एशिया और मध्य पूर्व के कई हिस्सों में यह प्रथा जारी है और साथ ही उन देशों में भी जहां एफ़जीएम अपनाने वाले देशों के लोग रहते हैं."
दुनिया में इस समय 20 करोड़ ऐसी महिलाएं हैं जिनके गुप्तांग को किसी न किसी प्रकार काटा गया है या हटाया गया है.
महिलाओं में ख़तने (एफ़जीएम) को पूरी तरह रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय दिवस की घोषणा की है जो हर साल छह फ़रवरी को होता है.
महिलाओं और लड़कियों के गुप्तांगों को बचपन में या फिर किशोर अवस्था में ही काट दिया जाता है.
ख़तने के कारण शारीरिक और मानसिक दिक़्क़तें होती हैं जो अक्सर पूरी ज़िंदगी भर चलती है.
कीनिया की इसियोलो काउंटी के बोराना समुदाय से आने वालीं बिशारा शेख हामो कहती हैं, "जब मैं 11 साल की थी तब मेरा ख़तना हुआ था."
"मेरी दादी ने बताया कि यह ख़तना हर लड़की की ज़रूरत है जो उसे पवित्र करता है."
लेकिन बिशारा को यह नहीं बताया गया कि इससे उन्हें अनियमित माहवारी, जीवन भर मूत्राशय की समस्याएं, कई प्रकार के संक्रमण होंगे. इसके अलावा वह केवल ऑपरेशन के ज़रिए ही बच्चे को जन्म दे पाएंगी.
फ़ीमेल जेनिटल म्युटिलेशन या एफ़जीएम यानी ख़तना ऐसी एक प्रक्रिया है जिसमें जानबूझकर महिला के बाहरी गुप्तांग को काट दिया दिया जाता है या उसे हटा दिया जाता है.
इसमें अक्सर महिला गुप्तांग की मुड़ी हुई त्वचा (लेबिया) और क्लाइटोरिस को हटाया या काट दिया जाता है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि ऐसी कोई भी प्रक्रिया जो बिना मेडिकल कारणों के महिला गुप्तांग को नुकसान पहुंचाती है वह इस श्रेणी में आती है.
एफ़जीएम महिलाओं और लड़कियों को शारीरिक और मनोवैज्ञानिक रूप से नुक़सान पहुंचाता है और इस प्रथा के कोई स्वास्थ्य लाभ नहीं हैं.
यह बहुत ही विचलित करने वाला है और महिलाओं के संबंधों को नुकसान पहुंचाता है. यह अक्सर महिलाओं की इच्छा के ख़िलाफ़ होता है या उन पर थोपा जाता है.
मिस्र की फ़िल्म निर्माता और ब्लॉगर ओमनिया इब्राहीम कहती हैं, "आप एक बर्फ़ के टुकड़े की तरह हैं. आप कुछ नहीं महसूस करती हैं, आप प्रेम नहीं करती हैं और आपकी कोई इच्छा नहीं होती है."
ओमनिया अपने पूरे व्यस्क जीवन में ख़तने के मनोवैज्ञानिक प्रभावों से जूझती आईं.
वह कहती हैं, "मैं अपनी यौन इच्छा की सोच से जूझती रही हूं, मुझे यह कैसे पता चलेगी? मैं हमेशा ख़ुद से पूछती थी, क्या मैं सेक्स से नफ़रत करती हूं क्योंकि मुझे इससे डरना सिखाया गया था या क्या मुझे वास्तव में इसकी कोई परवाह नहीं है?"
कीनिया में बिशारा का चार अन्य लड़कियों के साथ किस तरह ख़तना किया गया इसके बारे में वह बीबीसी को बताती हैं, "मेरी आंखों पर पट्टी बांध दी गई थी. इसके बाद उन्होंने मेरे हाथ पीछे की ओर बांध दिए. मेरी टांगें खोल दी गईं और इसके बाद उन्होंने मेरे जननांग की बाहरी परत को नीचे की ओर खींच दिया."
"कुछ मिनटों बाद मैंने तेज़ दर्द महसूस किया. मैं चीखी-चिल्लाई लेकिन किसी ने मुझे नहीं सुना. मैंने ख़ुद को छुड़ाने के लिए लात मारी लेकिन मेरी टांगें मज़बूती से पकड़ी गई थीं."
वह कहती हैं कि यह बहुत 'दर्दनाक' थी. उन्होंने इसी तरह से सभी लड़कियों के साथ ऐसा किया.
वह कहती हैं कि दर्द रोकने के लिए केवल कुछ पारंपरिक देसी दवाएं थीं.
"ज़मीन पर एक गड्ढा था जिसमें एक प्रकार की जड़ी-बूटी होती थी. उन्होंने बकरियों की तरह मेरे पैर बांधे और वह जड़ी-बूटी रगड़ दी. इसके बाद उन्होंने कहा, अगली लड़की फिर वह एक के बाद अन्य लड़कियों के साथ यह करते गए."
एफ़जीएम कई देशों में ग़ैर-क़ानूनी है. हालांकि, अफ़्रीका, एशिया और मध्य पूर्व के कई हिस्सों में यह प्रथा जारी है और साथ ही उन देशों में भी जहां एफ़जीएम अपनाने वाले देशों के लोग रहते हैं."
Monday, February 4, 2019
चार साल घरेलू हिंसा से लड़ने वाली महिला बॉक्सर बनीं वर्ल्ड चैंपियन
ऑस्ट्रेलिया की बेक रॉलिंग्स ने बेयर-नकल बॉक्सिंग की फ्लाईवेट कैटेगरी में अपना वर्ल्ड टाइटल बरकरार रखा है। 29 साल की रॉलिंग्स ने बेयर-नकल फाइटिंग चैंपियनशिप में मैक्सिको की सेसेलिया फ्लोरेस को हरा दिया। रॉलिंग्स ने 2011 से प्रोफेशनल फाइटिंग शुरू की थी। लेकिन उन्हें चार साल तक घरेलू हिंसा सहनी पड़ी। बॉक्सर पति डेन हयाट उनके साथ रोज मारपीट करता। 2013 में पति का घर छोड़ने के बाद उन्होंने एक बार फिर खेल की ओर रुख किया और 5 साल बाद बेयर-नकल बॉक्सिंग में वर्ल्ड चैंपियन बनीं। उन्होंने 15 मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स फाइट में से 7 जीतीं। रॉलिंग्स ने पिछले साल ही बेयर-नकल बॉक्सिंग शुरू की थी।
'बच्चों को भी अपने जैसा मजबूत बनाना चाहती हूं'
ऑस्ट्रेलिया की मिक्स्ड मार्शल आर्टिस्ट और बेयर-नकल बॉक्सर बेक रॉलिंग्स कहती हैं, 'मैं इस खेल के लिए बनी हूं और यह खेल मेरे लिए। शायद इसलिए क्योंकि मैंने कई साल तक शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना सही है। इसलिए खेल से जुड़ाव महसूस करती हूं। मैं बच्चों को भी अपने जैसा मजबूत बनाना चाहती हूं।'
'मुझे हर पल मौत का डर होता था'
रॉलिंग ने बताया, 'डेन हयाट के साथ बिताए वे साल मेरे जीवन का सबसे बुरा समय था। लेकिन अब मैं उस समय को याद कर रोती नहीं हूं। कुछ घाव ऐसे होते हैं, जो कभी नहीं भरते। वह मेरे साथ इतनी मारपीट करता कि मैं घंटों बेहोश रहती। वह तकिए से मेरा मुंह दबा देता ताकि मैं सांस भी न ले सकूं। वह मेरा सामान तोड़ देता। एक दिन उसने मुझ पर चाकू से हमला किया। उसने मुझे और मेरे बेटे को मारने की कोशिश की। इसके बाद हमने घर छोड़ दिया। उसके साथ रहते हुए मुझे हर पल मौत का डर होता था। अब उस घटना को 6 साल हो चुके हैं। मैंने खुद को संभाल लिया है। मेरे दो बेटे हैं।'
'वह मुझे जला देता और मेरे कपड़े फाड़ देता था'
'मेरी हयाट से मुलाकात 2010 में हुई थी। तीन महीने बाद ही हयाट ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। वह भी प्रोफेशनल फाइटर था। जब भी मैंने उसे रोकने की कोशिश की, कभी सफल नहीं हुई। खुद की रक्षा करना मेरे लिए असंभव था। वह मुझे जला देता। मेरे कपड़े तक फाड़ देता। कई बार ऐसा हुआ कि मेरे पास पहनने के लिए कपड़े तक नहीं होते थे। मैंने अक्टूबर 2011 में पहली एमएमए फाइट की थी। लेकिन पहले ही राउंड में नॉकआउट हो गई थी। 2013 में उसने मेरे बच्चों एनसन और जैक को दुख पहुंचाने की कोशिश की तो मैंने अपने बच्चों के लिए हयाट का घर छोड़ दिया। इसके बाद मैंने दोबारा यूएफसी फाइटिंग शुरू कर दी थी। मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स ने मुझे खुद से प्यार करना सिखाया। उसने मुझे मजबूत इंसान बनाया।'
'घरेलू हिंसा पीड़ित की मदद करूंगी'
'अब मैं बिना किसी डर के रहती हूं, क्योंकि मैंने बॉक्सिंग को अपना करिअर बना लिया है। मैंने अपने अनुभव सबके साथ इसलिए साझा किए ताकि मैं उन लोगों की मदद कर सकूं, जो घरेलू हिंसा की शिकार हैं या रही हैं। मैं विक्टिम से कहना चाहती हूं कि उनकी कोई गलती नहीं है। वे कमजोर नहीं हैं। अब मैं खुद को 'वाइल्ड चाइल्ड' और 'राउडी बेक' मानती हूं। मैं अपनी लाइफ के उन बुरे वर्षों से बाहर निकल चुकी हूं।'
29 साल की बेक रॉलिंग्स ने अब तक 15 में से सात फाइट में जीत दर्ज की है
रॉलिंग्स रोजाना 3 से 4 घंटे प्रैक्टिस करती हैं, इसमें रनिंग भी शामिल है
रॉलिंग्स ने पूरे शरीर पर 60 टैटू भी बनवाए हैं।
रॉलिंग्स बेयर-नकल बॉक्सिंग के बारे में बताती हैं, 'इसमें बिना बॉक्सिंग ग्लव्स के बॉक्सिंग होती है। इसमें विरोधी बॉक्सर के अलावा आपको भी चोट लगती है। हमें बहुत ही सावधानी से पंच जमाने होते हैं। हम विरोधी के सिर के पीछे या साइड से पंच नहीं कर सकते। इससे हमारे हाथ में भी चोट लगती है। हमें सामने से ही पंच करना पड़ता है। इसमें पंच से ज्यादा स्पीड और ताकत जरूरी होते हैं। मैंने अपने हाथों को मजबूत करने के लिए कुंग फू की ट्रेनिंग ली। इसके अलावा मैं सैंडबैग पर पंच कर हाथों को मजबूत बनाती हूं। यह मेरी तीसरी ही फाइट थी। मैं खुद को इस खेल की क्वीन महसूस करती हूं। मुझे लगता है कि बेयर-नकल बॉक्सिंग का जो स्किल मेरे पास है, किसी और के पास नहीं हैं। यह खेल मेरे लिए बना है और मैं इस खेल के लिए बनी हूं। हालांकि मैं अपने खेल में लगातार सुधार कर रही हूं।'
रॉलिंग्स रोजाना बच्चों को स्कूल छोड़ती हैं। फिर जिम में दो घंटे ट्रेनिंग करती हैं। वे कहती हैं कि मैं बच्चों को भी अपने जैसा मजबूत बनाना चाहती हूं। ताकि उन्हें जीवन में कभी शारीरिक प्रताड़ना न सहना पड़े। रॉलिंग्स ने बेयर-नकल फाइटिंग चैंपियनशिप से कॉन्ट्रैक्ट किया है। वही उनके ट्रेनिंग और फाइट का खर्च उठाता है।
'बच्चों को भी अपने जैसा मजबूत बनाना चाहती हूं'
ऑस्ट्रेलिया की मिक्स्ड मार्शल आर्टिस्ट और बेयर-नकल बॉक्सर बेक रॉलिंग्स कहती हैं, 'मैं इस खेल के लिए बनी हूं और यह खेल मेरे लिए। शायद इसलिए क्योंकि मैंने कई साल तक शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना सही है। इसलिए खेल से जुड़ाव महसूस करती हूं। मैं बच्चों को भी अपने जैसा मजबूत बनाना चाहती हूं।'
'मुझे हर पल मौत का डर होता था'
रॉलिंग ने बताया, 'डेन हयाट के साथ बिताए वे साल मेरे जीवन का सबसे बुरा समय था। लेकिन अब मैं उस समय को याद कर रोती नहीं हूं। कुछ घाव ऐसे होते हैं, जो कभी नहीं भरते। वह मेरे साथ इतनी मारपीट करता कि मैं घंटों बेहोश रहती। वह तकिए से मेरा मुंह दबा देता ताकि मैं सांस भी न ले सकूं। वह मेरा सामान तोड़ देता। एक दिन उसने मुझ पर चाकू से हमला किया। उसने मुझे और मेरे बेटे को मारने की कोशिश की। इसके बाद हमने घर छोड़ दिया। उसके साथ रहते हुए मुझे हर पल मौत का डर होता था। अब उस घटना को 6 साल हो चुके हैं। मैंने खुद को संभाल लिया है। मेरे दो बेटे हैं।'
'वह मुझे जला देता और मेरे कपड़े फाड़ देता था'
'मेरी हयाट से मुलाकात 2010 में हुई थी। तीन महीने बाद ही हयाट ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। वह भी प्रोफेशनल फाइटर था। जब भी मैंने उसे रोकने की कोशिश की, कभी सफल नहीं हुई। खुद की रक्षा करना मेरे लिए असंभव था। वह मुझे जला देता। मेरे कपड़े तक फाड़ देता। कई बार ऐसा हुआ कि मेरे पास पहनने के लिए कपड़े तक नहीं होते थे। मैंने अक्टूबर 2011 में पहली एमएमए फाइट की थी। लेकिन पहले ही राउंड में नॉकआउट हो गई थी। 2013 में उसने मेरे बच्चों एनसन और जैक को दुख पहुंचाने की कोशिश की तो मैंने अपने बच्चों के लिए हयाट का घर छोड़ दिया। इसके बाद मैंने दोबारा यूएफसी फाइटिंग शुरू कर दी थी। मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स ने मुझे खुद से प्यार करना सिखाया। उसने मुझे मजबूत इंसान बनाया।'
'घरेलू हिंसा पीड़ित की मदद करूंगी'
'अब मैं बिना किसी डर के रहती हूं, क्योंकि मैंने बॉक्सिंग को अपना करिअर बना लिया है। मैंने अपने अनुभव सबके साथ इसलिए साझा किए ताकि मैं उन लोगों की मदद कर सकूं, जो घरेलू हिंसा की शिकार हैं या रही हैं। मैं विक्टिम से कहना चाहती हूं कि उनकी कोई गलती नहीं है। वे कमजोर नहीं हैं। अब मैं खुद को 'वाइल्ड चाइल्ड' और 'राउडी बेक' मानती हूं। मैं अपनी लाइफ के उन बुरे वर्षों से बाहर निकल चुकी हूं।'
29 साल की बेक रॉलिंग्स ने अब तक 15 में से सात फाइट में जीत दर्ज की है
रॉलिंग्स रोजाना 3 से 4 घंटे प्रैक्टिस करती हैं, इसमें रनिंग भी शामिल है
रॉलिंग्स ने पूरे शरीर पर 60 टैटू भी बनवाए हैं।
रॉलिंग्स बेयर-नकल बॉक्सिंग के बारे में बताती हैं, 'इसमें बिना बॉक्सिंग ग्लव्स के बॉक्सिंग होती है। इसमें विरोधी बॉक्सर के अलावा आपको भी चोट लगती है। हमें बहुत ही सावधानी से पंच जमाने होते हैं। हम विरोधी के सिर के पीछे या साइड से पंच नहीं कर सकते। इससे हमारे हाथ में भी चोट लगती है। हमें सामने से ही पंच करना पड़ता है। इसमें पंच से ज्यादा स्पीड और ताकत जरूरी होते हैं। मैंने अपने हाथों को मजबूत करने के लिए कुंग फू की ट्रेनिंग ली। इसके अलावा मैं सैंडबैग पर पंच कर हाथों को मजबूत बनाती हूं। यह मेरी तीसरी ही फाइट थी। मैं खुद को इस खेल की क्वीन महसूस करती हूं। मुझे लगता है कि बेयर-नकल बॉक्सिंग का जो स्किल मेरे पास है, किसी और के पास नहीं हैं। यह खेल मेरे लिए बना है और मैं इस खेल के लिए बनी हूं। हालांकि मैं अपने खेल में लगातार सुधार कर रही हूं।'
रॉलिंग्स रोजाना बच्चों को स्कूल छोड़ती हैं। फिर जिम में दो घंटे ट्रेनिंग करती हैं। वे कहती हैं कि मैं बच्चों को भी अपने जैसा मजबूत बनाना चाहती हूं। ताकि उन्हें जीवन में कभी शारीरिक प्रताड़ना न सहना पड़े। रॉलिंग्स ने बेयर-नकल फाइटिंग चैंपियनशिप से कॉन्ट्रैक्ट किया है। वही उनके ट्रेनिंग और फाइट का खर्च उठाता है।
Friday, February 1, 2019
中美贸易谈判结束:习近平希望“各退一步”
美国总统特朗普与中国副总理刘鹤周四(1月31日)在白宫见面,期间中方代表读出一封由中国国家主席习近平写的信,习近平在信内说希望中美双方能“各退一步”,在中美贸易战停火的期限在3月1日届满前达成协议。
刘鹤带领的中方代表团一连两天在华盛顿与美方贸易代表莱特希泽(Robert Lighthizer)就两国自去年开始的贸易纠纷谈判。
特朗普多次公开评论这场谈判,指出这次谈判的结果不会是一个“与中国的小小协议”,而是一个大协议,他又说他可能会与习近平见面,才正式完成贸易谈判。特朗普又跟莱特希泽说,他和他的团队要在二月初到中国继续谈判。
但有分析担心,特朗普声言要与习近平亲自见面,等于向北京透露他十分希望达成协议,可能令白宫强硬派谈判员为难。
法新社报道,习近平在写给特朗普的信件说,希望中美两国在“互相尊重”的情况下合作,又形容两国关系正处于一个“重要关头”。
代表美方参与谈判的莱特希泽说双方虽然在谈判有“巨大进展”,但仍然有许多工作要做。
美国白宫发表声明指,双方谈判主要集中在美国公司被迫技术转移、中国需要加大力度保护知识产权、美国公司在华遇到的各种障碍、中方“偷窃”美国的商业机密和“干扰市场的力量”如何造成产能过剩等议题。
声明又形容,双方对解决所有主要问题都显示了诚意,又同意达成的任何解决方案都可强制执行。
美国《华尔街日报》早前引述消息指,中方的建议主要集中在增加购买的农产品和能源,和承诺让更多美国资金参加中国的制造和金融业。
给中国“送大礼”
《华尔街日报》又指,中方代表团建议特朗普和习近平二月在海南省见面,白宫目前尚未证实报告。特朗普说他可能要与习近平亲自见面,才能达成最后的协议。
路透社的分析形容,特朗普这种说法等于给中国“送大礼”,因为中国就可能再不需要向美方作出过多让步。
分析留意到,中国电讯巨头中兴去年涉嫌违反美国对伊朗的制裁,美方随后禁止美国公司向它出售手机的零部件。但习近平与特朗普通电话后,美方与中兴达成协议,中兴愿意支付罚款和改造公司,换取美方取消禁令。
分析认为,如果特朗普让莱特希泽继续主导与中方的谈判,将可以迫使中方作出更大让步。
美中贸易全国委员会主席艾伦(Craig Allen)在中美贸易谈判后发出声明称,中美同意达成的任何解决方案都可强制执行,他对此感到欣慰。
他认为,中美达成的协议必须包含一些诱因,例如美国取消征收关税的机制,才能吸引中国履行承诺。
刘鹤带领的中方代表团一连两天在华盛顿与美方贸易代表莱特希泽(Robert Lighthizer)就两国自去年开始的贸易纠纷谈判。
特朗普多次公开评论这场谈判,指出这次谈判的结果不会是一个“与中国的小小协议”,而是一个大协议,他又说他可能会与习近平见面,才正式完成贸易谈判。特朗普又跟莱特希泽说,他和他的团队要在二月初到中国继续谈判。
但有分析担心,特朗普声言要与习近平亲自见面,等于向北京透露他十分希望达成协议,可能令白宫强硬派谈判员为难。
法新社报道,习近平在写给特朗普的信件说,希望中美两国在“互相尊重”的情况下合作,又形容两国关系正处于一个“重要关头”。
代表美方参与谈判的莱特希泽说双方虽然在谈判有“巨大进展”,但仍然有许多工作要做。
美国白宫发表声明指,双方谈判主要集中在美国公司被迫技术转移、中国需要加大力度保护知识产权、美国公司在华遇到的各种障碍、中方“偷窃”美国的商业机密和“干扰市场的力量”如何造成产能过剩等议题。
声明又形容,双方对解决所有主要问题都显示了诚意,又同意达成的任何解决方案都可强制执行。
美国《华尔街日报》早前引述消息指,中方的建议主要集中在增加购买的农产品和能源,和承诺让更多美国资金参加中国的制造和金融业。
给中国“送大礼”
《华尔街日报》又指,中方代表团建议特朗普和习近平二月在海南省见面,白宫目前尚未证实报告。特朗普说他可能要与习近平亲自见面,才能达成最后的协议。
路透社的分析形容,特朗普这种说法等于给中国“送大礼”,因为中国就可能再不需要向美方作出过多让步。
分析留意到,中国电讯巨头中兴去年涉嫌违反美国对伊朗的制裁,美方随后禁止美国公司向它出售手机的零部件。但习近平与特朗普通电话后,美方与中兴达成协议,中兴愿意支付罚款和改造公司,换取美方取消禁令。
分析认为,如果特朗普让莱特希泽继续主导与中方的谈判,将可以迫使中方作出更大让步。
美中贸易全国委员会主席艾伦(Craig Allen)在中美贸易谈判后发出声明称,中美同意达成的任何解决方案都可强制执行,他对此感到欣慰。
他认为,中美达成的协议必须包含一些诱因,例如美国取消征收关税的机制,才能吸引中国履行承诺。
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