ऑस्ट्रेलिया के पूर्व लेग स्पिनर शेन वॉर्न 'क्रिकेट पंडित' के रूप में अपनी 'विचित्र भविष्यवाणियों' के लिए प्रसिद्ध हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज से पहले वह भारतीय टीम के लिए एक दिलचस्प सुझाव लेकर आए हैं.
वॉर्न का कहना है कि विश्व कप में रोहित शर्मा के साथ ऋषभ पंत से पारी की शुरुआत करानी चाहिए. उन्होंने इंडिया टुडे से कहा कि पंत को एक-दो मैचों में इस नई भूमिका में परखना चाहिए कि वह कैसा खेलते हैं. वर्ल्ड कप से पहले उन्हें प्रयोग के तौर ऑस्ट्रेलिया सीरीज में आजमाया जा सकता है.
49 साल के वॉर्न ने शिखर धवन के बारे में कहा कि उन्हें कहीं और उतारा जा सकता है. भारत के पास बहुत सारे खिलाड़ी हैं, जो विभिन्न भूमिकाओं में खुद को उपयोगी साबित कर सकते हैं.
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विकेटकीपर के रूप में महेंद्र सिंह धोनी अब भी सीमित ओवरों के प्रारूप में पहली पसंद हैं. वॉर्न का मानना है कि धोनी और पंत दोनों एक साथ टीम इंडिया में खेल सकते हैं. पंत को विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में उतारा जा सकता है.
वॉर्न ने माना कि रोहित शर्मा ओर शिखर धवन की सलामी जोड़ी ने कई शानदार प्रदर्शन किए हैं. लेकिन वर्ल्ड कप में ऋषभ पंत को ओपनर के तौर उतारकर भारतीय टीम अपनी प्रतिद्वंद्वी टीमों को चौंका सकती है.
वॉर्न का यह सुझाव शिखर धवन के लिए झटका हो सकता है, जो पिछले दो प्रमुख 50 ओवरों के टूर्नामेंट (चैम्पियंस ट्रॉफी-2017 और पिछले साल एशिया कप) के दौरान शानदार लय में रहे.
गौरतलब है कि बीएसएनल भारत में, लैंडलाइन और ब्रॉडबैंड सर्विस सहित बैंडविथ का बिजनेस करती है. इसने 2016-17 में 4,793 करोड़ रुपये का नुकसान दिखाया है. हालांकि अब तक 2017-18 की आर्थिक स्थिति नहीं बताई गई है. पिछले तीन साल से लगातार बीएसएनल नुकसान में है. डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक बीएसएनल को ‘Incipient Sick’ घोषित किया गया है.
बीएसएनल के एक प्रवक्ता ने TOI को बताया है, ‘बीएसएनल ने सरकार से कहा है कि मार्केट में ‘कट थ्रोट’ कॉम्पटीशन के अलावा कंपनी बढ़ती उम्र वाले ज्यादा कर्मचारियों की वजह से मुश्किल में है. अगर 2019-20 से रिटायरमेंट की आयु कम दी जाती है तो बिल में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की बचत होगी’
पिछले कुछ सालों से बीएसएनल का स्ट्रगल ज्यादा बढ़ गया है. इसकी वजह मार्केट में जियो की आमद है. जियो के साथ ही लगभग सभी प्राइवेट कंपनियों ने अपने प्लान सस्ते कर दिए. कई कंपनियां मर्ज हो गईं, कुछ कंपनियां बाजार से साफ हो गई और ऐसे में मार्केट में बने रहने के लिए बीएसनएल ने भी अपने प्लान को रिलायंस जियो से मैच किया है. हालांकि बीएसएनल पिछले कुछ साल में दूसरे कंपनियों के मुकाबले 4G अपग्रेड में फेल रही है और फाइबर सर्विस देने में भी कंपनी ने दूसरों के मुकाबले कुछ देरी कर दी है.
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