अगर आपने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरे बिना नए साल के जश्न में डूबे हैं तो आपको इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है. दरअसल, जिन लोगों ने अब तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं की है उन्हें 31 दिसंबर यानी आज रात 12 बजे तक 5000 रुपये के जुर्माने के साथ भरना है. अगर आप यह रिटर्न 12 बजे के बाद भरते हैं, तो लेट फाइलिंग के लिए लगने वाले जुर्माने की राशि बढ़ जाएगी. जुर्माने की नई राशि 10 हजार रुपये होगी. यानी आपको अतिरिक्त 5 हजार रुपये का नुकसान होगा. अगर आप छोटे टैक्सपेयर हैं और आपकी कुल आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं है तो फिर आपको अधिकतम 1,000 रुपये तक का ही जुर्माना चुकाना होगा.
दरअसल, वित्त वर्ष 2017-18 के लिए आईटीआर भरने का एक्सटेंडेड ड्यू डेट 31 अगस्त, 2018 था. लेकिन कई ऐसे लोग थे जो आईटीआर फाइल करने से चूक गए. ऐसे लोगों के लिए अंतिम तिथि बीतने के बाद भी लेट फाइन के साथ आयकर रिटर्न फाइल करने का ऑप्शन मिला है. यह नियम असेसमेंट ईयर 2018-19 से लागू हुआ है. बता दें कि फाइनेंशियल ईयर के बाद के साल को असेसमेंट ईयर कहा जाता है.
पहले जुर्माने की राशि कैसे होती थी तय
इससे पहले, विलंब से आईटी रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना कितना होगा, यह असेसी अधिकारी तय करता था. हालांकि, बजट 2017 में इनकम टैक्स ऐक्ट में एक नया सेक्शन जोड़कर उसमें संशोधन किया गया. इस संशोधन के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति इनकम टैक्स फाइल करने की अंतिम तारीख बीत जाने के बाद रिटर्न फाइल करता है, तो इस स्थिति में 10 हजार रुपये तक का अधिकतम शुल्क लगेगा. हालांकि, शुल्क कितना होगा, यह विलंब की अवधि पर निर्भर करेगा.
दिल्ली यातायात पुलिस ने नए साल की पूर्व संध्या पर शहर में ट्रैफिक के सुचारू रूप से संचालन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं. सबसे ज्यादा तवज्जो कनॉट प्लेस और इसके आसपास के इलाकों पर दी गई है, जहां रात को गाड़ियों के प्रवेश पर पाबंदी रहेगी. यातायात पुलिस ने जारी एक बयान में कहा कि कनॉट प्लेस में रात आठ बजे से लेकर जश्न खत्म होने तक सभी तरह के वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा. यातायात के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त बी के सिंह ने कहा कि कनॉट प्लेस के इनर, मिडिल या आउटर सर्कल में गाड़ियों को जाने की इजाजत नहीं है.
अधिकारी ने कहा कि यातायात पुलिस शराब पीकर गाड़ी चलाने, सिग्नल तोड़ने और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाएगी. बयान में बताया गया है कि मंडी हाउस गोल चक्कर, बंगाली मार्केट गोल चक्कर, रंजीत सिंह फ्लाईओर, मिंटो रोड, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग क्रॉसिंग, मुंजे चौक (नई दिल्ली रेलवे स्टेशन) के पास चेम्सफोर्ड रोड से वाहनों को कनॉट प्लेस की ओर आने नहीं दिया जाएगा.
बी के सिंह ने बताया कि आरके आश्रम मार्ग-चित्रगुप्त, गोल मार्केट गोल चक्कर, जीपीओ, पटेल चौक, कस्तूरबा गांधी रोड-फिरोजशाह रोड क्रॉसिंग, जय सिंह रोड-बंगला साहिब लेन की ओर से भी गाड़ियों को कनॉट प्लेस की ओर नहीं बढ़ने दिया जाएगा. यातायात परामर्श के मुताबिक, वाहन चालक कनॉट प्लेस के आसपास कुछ स्थानों पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर सकते हैं.
Monday, December 31, 2018
Sunday, December 16, 2018
राहुल गांधी की इमेज बीते 5 दिनों में कितनी बदल गई
रविवार शाम को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का नाम सामने आते ही 11 दिसंबर को आए चुनावी नतीजों के बाद से शुरू हुआ राहुल गांधी का 'मिशन सेमीफ़ाइनल' पूरा हो गया है.
भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ताक़त के लिहाज से अपेक्षाकृत मज़बूत माने जाने वाले राज्य मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बीजेपी के हाथों से छीन लिया है.
इन राज्यों में चुनावी जीत के बाद से राहुल गांधी अचानक से 2019 के आम चुनावों के लिहाज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देने की स्थिति में खड़े दिखाई दे रहे हैं. और इस मौके का राहुल गांधी ने अपनी छवि को चमकाने के लिए भरपूर इस्तेमाल भी किया है.
जीत के बाद की प्रेस कांफ्रेंस
सबसे पहले बात चुनावी नतीजे के बाद उनकी प्रेस कांफ्रेंस की. मध्य प्रदेश में कांटे की टक्कर के चलते राहुल गांधी को इसे तीन चार घंटे भले टालना पड़ा हो लेकिन जब वे पहुंचे तो उनका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ था.
उन्होंने ना केवल ये कहा कि वे 2019 में नरेंद्र मोदी को हराएंगे लेकिन हम किसी को भारत से मुक्त नहीं करना चाहते हैं. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से ये भी सीखा है कि उन्हें क्या क्या नहीं करना है.
ज़ाहिर है राहुल जीत के बाद से अपनी पॉश्चरिंग करने में लग गए थे. वे ये दर्शा रहे थे कि वे और उनकी पार्टी पॉजिटिव राजनीति को आगे बढ़ाने का काम करेंगे.
उनकी इस बॉडी लैंग्वेज पर ब्रैंड कंसल्टेंट हरीश बिजूर ने बीबीसी से कहा, "उन्होंने जीत को गरिमा के साथ स्वीकार किया, उनके अंदाज़ में एक ठहराव था, समग्रता की बात थी, अकड़ नहीं थी और परिपक्वता साफ़ झलक रही थी."
लेकिन अगले दिन मीडिया में ख़बरें आने लगीं कि चुनाव तो जीत गए हैं, लेकिन राहुल गांधी मुख्यमंत्री का नाम तय नहीं कर पा रहे हैं. बुधवार का दिन मुख्यमंत्री के नामों के एलान की घोषणा के इंतज़ार में ही बीता.
मुख्यमंत्री के नाम पर घमासान
मध्य प्रदेश से ख़बरें आने लगी कि कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया में घमासान छिड़ा है और राजस्थान में सचिन पायलट और अशोक गहलोत आमने सामने हैं. छत्तीसगढ़ की जीत भले जोरदार रही हो लेकिन संदेह वहां भी बना हुआ था, भूपेश बघेल के साथ टीएस सिंह देव और ताम्रध्वज साहू के नाम रेस में आ गए थे.
इसके बाद मीडिया के लोगों के सामने राहुल गांधी दिखे. पहले से ज्यादा सहज मुस्कुराते हुए कहा कि अलग अलग जगहों से इनपुट ले रहे हैं, विधायकों से बात कर रहे हैं और भी लोगों से बात कर रहे हैं, जल्दी ही नाम का एलान हो जाएगा.
इस बीच छत्तीसगढ़ के कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के पास राहुल गांधी के रिकार्डेड मैसेज आने लगे कि आपकी नजर में किन्हें होना चाहिए मुख्यमंत्री.
राहुल गांधी अब नेशनल मीडिया की ख़बरों के केंद्र में आ गए थे. उनकी पीआर मशीनरी इस खेल को ख़ूब समझ रही थी और उन्होंने ख़बरों की दुनिया को राहुल गांधी की बैठकों के इर्द-गिर्द उलझाए रखा.
भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ताक़त के लिहाज से अपेक्षाकृत मज़बूत माने जाने वाले राज्य मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बीजेपी के हाथों से छीन लिया है.
इन राज्यों में चुनावी जीत के बाद से राहुल गांधी अचानक से 2019 के आम चुनावों के लिहाज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देने की स्थिति में खड़े दिखाई दे रहे हैं. और इस मौके का राहुल गांधी ने अपनी छवि को चमकाने के लिए भरपूर इस्तेमाल भी किया है.
जीत के बाद की प्रेस कांफ्रेंस
सबसे पहले बात चुनावी नतीजे के बाद उनकी प्रेस कांफ्रेंस की. मध्य प्रदेश में कांटे की टक्कर के चलते राहुल गांधी को इसे तीन चार घंटे भले टालना पड़ा हो लेकिन जब वे पहुंचे तो उनका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ था.
उन्होंने ना केवल ये कहा कि वे 2019 में नरेंद्र मोदी को हराएंगे लेकिन हम किसी को भारत से मुक्त नहीं करना चाहते हैं. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से ये भी सीखा है कि उन्हें क्या क्या नहीं करना है.
ज़ाहिर है राहुल जीत के बाद से अपनी पॉश्चरिंग करने में लग गए थे. वे ये दर्शा रहे थे कि वे और उनकी पार्टी पॉजिटिव राजनीति को आगे बढ़ाने का काम करेंगे.
उनकी इस बॉडी लैंग्वेज पर ब्रैंड कंसल्टेंट हरीश बिजूर ने बीबीसी से कहा, "उन्होंने जीत को गरिमा के साथ स्वीकार किया, उनके अंदाज़ में एक ठहराव था, समग्रता की बात थी, अकड़ नहीं थी और परिपक्वता साफ़ झलक रही थी."
लेकिन अगले दिन मीडिया में ख़बरें आने लगीं कि चुनाव तो जीत गए हैं, लेकिन राहुल गांधी मुख्यमंत्री का नाम तय नहीं कर पा रहे हैं. बुधवार का दिन मुख्यमंत्री के नामों के एलान की घोषणा के इंतज़ार में ही बीता.
मुख्यमंत्री के नाम पर घमासान
मध्य प्रदेश से ख़बरें आने लगी कि कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया में घमासान छिड़ा है और राजस्थान में सचिन पायलट और अशोक गहलोत आमने सामने हैं. छत्तीसगढ़ की जीत भले जोरदार रही हो लेकिन संदेह वहां भी बना हुआ था, भूपेश बघेल के साथ टीएस सिंह देव और ताम्रध्वज साहू के नाम रेस में आ गए थे.
इसके बाद मीडिया के लोगों के सामने राहुल गांधी दिखे. पहले से ज्यादा सहज मुस्कुराते हुए कहा कि अलग अलग जगहों से इनपुट ले रहे हैं, विधायकों से बात कर रहे हैं और भी लोगों से बात कर रहे हैं, जल्दी ही नाम का एलान हो जाएगा.
इस बीच छत्तीसगढ़ के कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के पास राहुल गांधी के रिकार्डेड मैसेज आने लगे कि आपकी नजर में किन्हें होना चाहिए मुख्यमंत्री.
राहुल गांधी अब नेशनल मीडिया की ख़बरों के केंद्र में आ गए थे. उनकी पीआर मशीनरी इस खेल को ख़ूब समझ रही थी और उन्होंने ख़बरों की दुनिया को राहुल गांधी की बैठकों के इर्द-गिर्द उलझाए रखा.
Thursday, December 13, 2018
सोनाक्षी सिन्हा ने अमेजन से मंगाया 18 हजार का हेडफोन, लोहे का टुकड़ा निकला
टाटा मोटर्स एक जनवरी से यात्री वाहनों की कीमतों में 40,000 रुपए तक बढ़ोतरी करेगी। कंपनी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उसका कहना है कि ईंधन महंगा होने और लागत बढ़ने की वजह से रेट बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा। कीमतों में बढ़ोतरी गाड़ियों के मॉडल और शहरों के आधार पर अलग-अलग होगी।
टाटा की कारों की कीमत 2.36 लाख से 17.97 लाख रुपए तक
टाटा मोटर्स के यात्री वाहनों में नैनो कार से लेकर प्रीमियम एसयूवी हेक्सा तक शामिल हैं। इनकी एक्स-शोरूम (दिल्ली) कीमत 2.36 लाख रुपए से 17.97 लाख रुपए तक है।
बॉलीवुड अमिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा के साथ ऑनलाइन शॉपिंग में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सोनाक्षी ने कुछ दिन पहले अमेजन से 18000 रुपए कीमत के हेडफोन ऑर्डर किए थे, लेकिन जब उनके पास पार्सल आया तो उसमें लोहे का टुकड़ा निकला। उन्होंने इस पार्सल की तस्वीरें ट्विटर पर शेयर कीं।
सोनाक्षी ने ट्वीट किया, "अमेजन, मैंने अपने लिए हेडफोन्स मंगवाए थे लेकिन ये देखिए मुझे क्या मिला। पूरी तरह से पैक्ड और खुला हुआ भी नहीं है, देखने में बिल्कुल परफेक्ट है, लेकिन सिर्फ बाहर से। और हां! आपका कस्टमर सर्विस मदद भी नहीं करना चाहता है इसके चलते स्थिति अब और भी बदतर हो गई है।"
इसी तरह से कांग्रेस के भूपेश बघेल और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अजीत जोगी के मुकाबले रमन सिंह आगे रहे। शुरुआती दिनों में अजीत जोगी गूगल सर्च में रमन सिंह से आगे थे।
12 नवंबर को गूगल पर रमन सिंह को 22 और अजीत जोगी को 31 प्वॉइंट्स मिले, जबकि भूपेश बघेल को सिर्फ 6 प्वॉइंट्स ही मिले। वहीं 20 नवंबर को रमन सिंह को 7 और अजीत जोगी 12 प्वॉइंट्स जबकि भूपेश बघेल को 10 प्वॉइंट्स मिले थे। 9 दिसंबर को रमन सिंह को 16 और अजीत जोगी और भूपेश बघेल को 8-8 प्वॉइंट्स मिले।
यहां 7 दिसंबर को एक ही चरण में 199 सीटों के लिए वोटिंग हुई और 11 दिसंबर को नतीजे आ गए। 7 से 9 दिसंबर तक गूगल पर भाजपा के मुकाबले कांग्रेस ही ज्यादा सर्च की गई। 7 दिसंबर को कांग्रेस को 100 और बीजेपी को 99 प्वॉइंट्स मिले जबकि 9 दिसंबर को कांग्रेस को 76 और बीजेपी को 63 प्वॉइंट्स मिले।
इसी तरह वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत की जगह सचिन पायलट के बारे में ज्यादा सर्च किया गया। 7 दिसंबर को सचिन पायलट को 44, वसुंधरा को 9 और अशोक गहलोत को सिर्फ 5 प्वॉइंट्स मिले। जबकि 9 दिसंबर को सचिन पायलट को 34, वसुंधरा को 8 और अशोक गहलोत को 4 प्वॉइंट्स मिले।
टाटा की कारों की कीमत 2.36 लाख से 17.97 लाख रुपए तक
टाटा मोटर्स के यात्री वाहनों में नैनो कार से लेकर प्रीमियम एसयूवी हेक्सा तक शामिल हैं। इनकी एक्स-शोरूम (दिल्ली) कीमत 2.36 लाख रुपए से 17.97 लाख रुपए तक है।
बॉलीवुड अमिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा के साथ ऑनलाइन शॉपिंग में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सोनाक्षी ने कुछ दिन पहले अमेजन से 18000 रुपए कीमत के हेडफोन ऑर्डर किए थे, लेकिन जब उनके पास पार्सल आया तो उसमें लोहे का टुकड़ा निकला। उन्होंने इस पार्सल की तस्वीरें ट्विटर पर शेयर कीं।
सोनाक्षी ने ट्वीट किया, "अमेजन, मैंने अपने लिए हेडफोन्स मंगवाए थे लेकिन ये देखिए मुझे क्या मिला। पूरी तरह से पैक्ड और खुला हुआ भी नहीं है, देखने में बिल्कुल परफेक्ट है, लेकिन सिर्फ बाहर से। और हां! आपका कस्टमर सर्विस मदद भी नहीं करना चाहता है इसके चलते स्थिति अब और भी बदतर हो गई है।"
इसी तरह से कांग्रेस के भूपेश बघेल और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अजीत जोगी के मुकाबले रमन सिंह आगे रहे। शुरुआती दिनों में अजीत जोगी गूगल सर्च में रमन सिंह से आगे थे।
12 नवंबर को गूगल पर रमन सिंह को 22 और अजीत जोगी को 31 प्वॉइंट्स मिले, जबकि भूपेश बघेल को सिर्फ 6 प्वॉइंट्स ही मिले। वहीं 20 नवंबर को रमन सिंह को 7 और अजीत जोगी 12 प्वॉइंट्स जबकि भूपेश बघेल को 10 प्वॉइंट्स मिले थे। 9 दिसंबर को रमन सिंह को 16 और अजीत जोगी और भूपेश बघेल को 8-8 प्वॉइंट्स मिले।
यहां 7 दिसंबर को एक ही चरण में 199 सीटों के लिए वोटिंग हुई और 11 दिसंबर को नतीजे आ गए। 7 से 9 दिसंबर तक गूगल पर भाजपा के मुकाबले कांग्रेस ही ज्यादा सर्च की गई। 7 दिसंबर को कांग्रेस को 100 और बीजेपी को 99 प्वॉइंट्स मिले जबकि 9 दिसंबर को कांग्रेस को 76 और बीजेपी को 63 प्वॉइंट्स मिले।
इसी तरह वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत की जगह सचिन पायलट के बारे में ज्यादा सर्च किया गया। 7 दिसंबर को सचिन पायलट को 44, वसुंधरा को 9 और अशोक गहलोत को सिर्फ 5 प्वॉइंट्स मिले। जबकि 9 दिसंबर को सचिन पायलट को 34, वसुंधरा को 8 और अशोक गहलोत को 4 प्वॉइंट्स मिले।
Tuesday, December 11, 2018
价值50万元黄金被劫 沈阳警方28小时迅速破案
中新网沈阳12月11日电 (王景巍)商城金店深夜被砸,价值50余万元(人民币,下同)的金饰品被洗劫一空。沈阳警方经过28小时连续奋战,犯罪嫌疑人任某(男,32岁)被捕归案。11日,沈阳市公安局铁西分局对外发布了案件过程。
2018年12月1日凌晨3时许,沈阳市铁西区某商场保安人员孙某某、刘某某巡逻至商场一楼东门内侧时,发现一名男子携带一个布兜行迹非常可疑,保安孙某某上前盘问时,该男子突然抽出一把刀将孙某某逼住,威胁其放自己离开,保安刘某某见状立即打电话报警。随后,可疑男子用随身携带的锤子砸碎东门两侧的玻璃,逃离现场
接到报警后,沈阳市铁西分局迅速抽调刑侦、图侦等相关部门的精干警力组成专案组,全力开展案件侦破工作。经现场勘验查明,位于该商场一楼的金店被盗,共丢失金手镯、金项链、金戒指等金饰品50余件,总重量1500克左右,价值50余万元。
经专案组连续20多个小时的走访调查,最终锁定任某(男,32岁)有重大作案嫌疑。12月2日,专案组民警在铁西区重工街北一西路附近的某小区内将犯罪嫌疑人任某抓获,当场缴获全部被抢金饰品。经讯问,犯罪嫌疑人任某对其抢劫金店的犯罪事实供认不讳。
目前,犯罪嫌疑人任某因涉嫌抢劫罪被铁西分局依法予以刑事拘留,案件正在进一步工作中
落入传销组织的第一天,我一夜没睡,想趁半夜上厕所的时候溜走,可是有男生守着,他们不睡。”今年国庆节前,西北民族大学大二女生小雪(化名)受“只见过一面”的女网友邀请前往银川游玩,却被骗进传销组织,几乎整个10月,她失去自由,被传销窝点的“小头目们”牢牢控制。
她先被关在银川一处两室一厅的民居中度过了半个月,其间与其他相同遭遇的年轻人一起接受“洗脑”、人生规划,与此同时,还时常遭受威胁和谩骂。10月中旬,小雪“失联”一事经媒体报道后,传销团伙就将其转移至河北沧州,在那里,她被迫冒充“上班族”,同“微信漂流瓶”或求职网站上的陌生网友“谈恋爱”,待时机成熟时再将其骗进来。
2018年12月1日凌晨3时许,沈阳市铁西区某商场保安人员孙某某、刘某某巡逻至商场一楼东门内侧时,发现一名男子携带一个布兜行迹非常可疑,保安孙某某上前盘问时,该男子突然抽出一把刀将孙某某逼住,威胁其放自己离开,保安刘某某见状立即打电话报警。随后,可疑男子用随身携带的锤子砸碎东门两侧的玻璃,逃离现场
接到报警后,沈阳市铁西分局迅速抽调刑侦、图侦等相关部门的精干警力组成专案组,全力开展案件侦破工作。经现场勘验查明,位于该商场一楼的金店被盗,共丢失金手镯、金项链、金戒指等金饰品50余件,总重量1500克左右,价值50余万元。
经专案组连续20多个小时的走访调查,最终锁定任某(男,32岁)有重大作案嫌疑。12月2日,专案组民警在铁西区重工街北一西路附近的某小区内将犯罪嫌疑人任某抓获,当场缴获全部被抢金饰品。经讯问,犯罪嫌疑人任某对其抢劫金店的犯罪事实供认不讳。
目前,犯罪嫌疑人任某因涉嫌抢劫罪被铁西分局依法予以刑事拘留,案件正在进一步工作中
落入传销组织的第一天,我一夜没睡,想趁半夜上厕所的时候溜走,可是有男生守着,他们不睡。”今年国庆节前,西北民族大学大二女生小雪(化名)受“只见过一面”的女网友邀请前往银川游玩,却被骗进传销组织,几乎整个10月,她失去自由,被传销窝点的“小头目们”牢牢控制。
她先被关在银川一处两室一厅的民居中度过了半个月,其间与其他相同遭遇的年轻人一起接受“洗脑”、人生规划,与此同时,还时常遭受威胁和谩骂。10月中旬,小雪“失联”一事经媒体报道后,传销团伙就将其转移至河北沧州,在那里,她被迫冒充“上班族”,同“微信漂流瓶”或求职网站上的陌生网友“谈恋爱”,待时机成熟时再将其骗进来。
Monday, December 10, 2018
बिजली गिरने से 40 मिनट पहले आपको बता देगा एप, स्थानीय भाषाओं में भी मिलेंगे अलर्ट
केंद्र सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने ऐसा एप विकसित किया है, जो बिजली गिरने की चेतावनी 30 से 40 मिनट पहले दे देगा। इसका नाम ‘दामिनी’ रखा गया है। यह एप बिजली गिरने की समयपूर्व चेतावनी देने के साथ इसके बचाव की भी जानकारी देता है। इसे गूगल प्ले स्टोर से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी (आईआईटीएम) द्वारा विकसित इस एप पर 6 महीने से काम चल रहा था। इसे बनाने वाली टीम के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. सुनील पवार ने बताया कि यह एप बिजली गिरने की चेतावनी के अलावा इससे सुरक्षा कैसे करनी चाहिए, प्राथमिक मेडिकल उपचार कैसे करें यह जानकारी भी देता है। खेत में काम करते वक्त, यात्रा के दौरान, घर के आसपास काम करते वक्त, बिजली गिरने की चेतावनी मिले तो कैसे बचाव करें, यह चित्र के साथ बताया गया है।
अलर्ट अंग्रेजी और हिंदी भाषा में दिखेगा : एप खोलने के बाद आप जिस लोकेशन पर हैं, वहां का मैप दिखाने वाला सर्किल आएगा। यह सर्किल 20 किमी की डायमीटर में अगले 40 मिनट में होने वाली बिजली चेतावनी के बारे में अलर्ट करेगा। बिजली गिरने वाली है या नहीं इसका संदेश सर्किल के नीचे अंग्रेजी और हिंदी भाषा मे दिखेगा। अभी अलर्ट अंग्रेजी और हिंदी भाषा मे दिखता है, आगे इसे रीजनल भाषा में भी लाने की उम्मीद है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि अन्य देशों की तुलना में भारत में बहुत सारे लोग खेती किसानी के कामों के लिए अपने अपने घरों से बाहर निकलते हैं। बिजली गिरने पर उनके चपेट में आने की आशंका ज्यादा बनी रहती है। यह एप खेती किसानी कामगारों के अलावा सभी लोगों के लिए उपयोग में आ सकता है। अरब महासागर में भारत का आधा हिस्सा प्रायद्वीप की तरह है, इसलिए ये मानसूनी हवाएं भारत के बहुत बड़े हिस्से को प्रभावित करती हैं। इस एप से हम अपना बेहतर बचाव कर सकते हैं।
विकसित देशों में बचाव का सिस्टम हमसे बेहतर
डॉ. सुनील पवार का कहना है कि दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी बिजली गिरती है, लेकिन मौत भारत में ही सबसे ज्यादा होती हैं। 2017 में ही बिजली गिरने से देशभर में 3 हजार से भी ज्यादा लोग मारे गए थे। इसकी वजह सिर्फ यह थी कि अन्य विकसित देशों में चेतावनी देने की बेहतर व्यवस्था है। अब इस एप के विकसित होने के बाद हम भी बेहतर बचाव कर सकते हैं। भारत में खूब बरसात होती है। उत्तर पूर्वी राज्यों में मानसूनी हवाएं तेज रफ्तार में पहुंचती हैं, ऐसी जगहों पर बिजली गिरने की आशंका बनी रहती है।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी (आईआईटीएम) द्वारा विकसित इस एप पर 6 महीने से काम चल रहा था। इसे बनाने वाली टीम के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. सुनील पवार ने बताया कि यह एप बिजली गिरने की चेतावनी के अलावा इससे सुरक्षा कैसे करनी चाहिए, प्राथमिक मेडिकल उपचार कैसे करें यह जानकारी भी देता है। खेत में काम करते वक्त, यात्रा के दौरान, घर के आसपास काम करते वक्त, बिजली गिरने की चेतावनी मिले तो कैसे बचाव करें, यह चित्र के साथ बताया गया है।
अलर्ट अंग्रेजी और हिंदी भाषा में दिखेगा : एप खोलने के बाद आप जिस लोकेशन पर हैं, वहां का मैप दिखाने वाला सर्किल आएगा। यह सर्किल 20 किमी की डायमीटर में अगले 40 मिनट में होने वाली बिजली चेतावनी के बारे में अलर्ट करेगा। बिजली गिरने वाली है या नहीं इसका संदेश सर्किल के नीचे अंग्रेजी और हिंदी भाषा मे दिखेगा। अभी अलर्ट अंग्रेजी और हिंदी भाषा मे दिखता है, आगे इसे रीजनल भाषा में भी लाने की उम्मीद है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि अन्य देशों की तुलना में भारत में बहुत सारे लोग खेती किसानी के कामों के लिए अपने अपने घरों से बाहर निकलते हैं। बिजली गिरने पर उनके चपेट में आने की आशंका ज्यादा बनी रहती है। यह एप खेती किसानी कामगारों के अलावा सभी लोगों के लिए उपयोग में आ सकता है। अरब महासागर में भारत का आधा हिस्सा प्रायद्वीप की तरह है, इसलिए ये मानसूनी हवाएं भारत के बहुत बड़े हिस्से को प्रभावित करती हैं। इस एप से हम अपना बेहतर बचाव कर सकते हैं।
विकसित देशों में बचाव का सिस्टम हमसे बेहतर
डॉ. सुनील पवार का कहना है कि दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी बिजली गिरती है, लेकिन मौत भारत में ही सबसे ज्यादा होती हैं। 2017 में ही बिजली गिरने से देशभर में 3 हजार से भी ज्यादा लोग मारे गए थे। इसकी वजह सिर्फ यह थी कि अन्य विकसित देशों में चेतावनी देने की बेहतर व्यवस्था है। अब इस एप के विकसित होने के बाद हम भी बेहतर बचाव कर सकते हैं। भारत में खूब बरसात होती है। उत्तर पूर्वी राज्यों में मानसूनी हवाएं तेज रफ्तार में पहुंचती हैं, ऐसी जगहों पर बिजली गिरने की आशंका बनी रहती है।
Tuesday, November 20, 2018
अमेरिका में गैरकानूनी प्रवासियों को पनाह नहीं देने का ट्रम्प का फैसला कोर्ट ने पलटा
गैरकानूनी तरीके से अमेरिका आने वाले मैक्सिकन प्रवासियों को पनाह न देने के राष्ट्रपति ट्रम्प के फैसले पर एक जज ने सोमवार को अस्थायी रोक लगा दी। अदालत का यह फैसला ट्रम्प की इमिग्रेशन पॉलिसी की हार माना जा रहा है।
न्याय विभाग ने कोई टिप्पणी नहीं की
सैन फ्रैंसिस्को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज जॉन टिगर ने आश्रय नियमों के खिलाफ जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से पूरे देश में लागू करने की बात कही। इस मामले में अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी। अदालत के आदेश पर अमेरिकी न्याय विभाग ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि अमेरिका में सिर्फ उन्हीं प्रवासियों को पनाह मिलेगी, जो कानूनी तरीके से देश में दाखिल हुए हैं। मानवाधिकार संगठनों ने 9 नवंबर के ट्रम्प के इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी।
सुनवाई के दौरान जज टाइगर ने कांग्रेस को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर प्रवासी अमेरिका में आश्रय के लिए आवेदन कर सकता है। चाहे वह देश में किसी भी तरीके से क्यों न आया हो। जज ने कहा कि राष्ट्रपति इमिग्रेशन कानून में किसी तरह का बदलाव नहीं कर सकते हैं। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने टाइगर को जज नियुक्त किया था।
आश्रय संबंधी नियमों पर विवाद उस वक्त शुरू हुआ था, जब मध्य अमेरिका में रहने वाले हजारों लोग हिंसा और गरीबी से बचने के लिए अमेरिकी सीमा तक पहुंच गए थे। इनमें काफी बच्चे भी थे। इनमें से कुछ कैलिफोर्निया की सीमा से सटे मैक्सिकन शहर तिजुआना तक पहुंच गए थे।
मानवाधिकार संगठनों ने बताया कि आश्रय संबंधी नियमों को पूरा करने के लिए प्रवासियों को सीमा पर कई दिनों और हफ्तों तक इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि आश्रय संबंधी प्रक्रिया को काफी धीमी गति से निपटाने के लिए अमेरिकी प्रशासन के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था।
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन अटॉर्नी ली गेलर्न्ट ने आदेश दिया कि इमिग्रेशन और नैशनैलिटी एक्ट के तहत कोई भी व्यक्ति अमेरिका में शरण के लिए आवेदन कर सकता है।
न्याय विभाग ने कोई टिप्पणी नहीं की
सैन फ्रैंसिस्को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज जॉन टिगर ने आश्रय नियमों के खिलाफ जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से पूरे देश में लागू करने की बात कही। इस मामले में अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी। अदालत के आदेश पर अमेरिकी न्याय विभाग ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि अमेरिका में सिर्फ उन्हीं प्रवासियों को पनाह मिलेगी, जो कानूनी तरीके से देश में दाखिल हुए हैं। मानवाधिकार संगठनों ने 9 नवंबर के ट्रम्प के इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी।
सुनवाई के दौरान जज टाइगर ने कांग्रेस को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर प्रवासी अमेरिका में आश्रय के लिए आवेदन कर सकता है। चाहे वह देश में किसी भी तरीके से क्यों न आया हो। जज ने कहा कि राष्ट्रपति इमिग्रेशन कानून में किसी तरह का बदलाव नहीं कर सकते हैं। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने टाइगर को जज नियुक्त किया था।
आश्रय संबंधी नियमों पर विवाद उस वक्त शुरू हुआ था, जब मध्य अमेरिका में रहने वाले हजारों लोग हिंसा और गरीबी से बचने के लिए अमेरिकी सीमा तक पहुंच गए थे। इनमें काफी बच्चे भी थे। इनमें से कुछ कैलिफोर्निया की सीमा से सटे मैक्सिकन शहर तिजुआना तक पहुंच गए थे।
मानवाधिकार संगठनों ने बताया कि आश्रय संबंधी नियमों को पूरा करने के लिए प्रवासियों को सीमा पर कई दिनों और हफ्तों तक इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि आश्रय संबंधी प्रक्रिया को काफी धीमी गति से निपटाने के लिए अमेरिकी प्रशासन के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था।
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन अटॉर्नी ली गेलर्न्ट ने आदेश दिया कि इमिग्रेशन और नैशनैलिटी एक्ट के तहत कोई भी व्यक्ति अमेरिका में शरण के लिए आवेदन कर सकता है।
Friday, November 2, 2018
क्या विराट ने धोनी के 'संन्यास' का ऐलान कर दिया है?
भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली ने महेंद्र सिंह धोनी को आगामी टी-20 सिरीज़ से बाहर किए जाने पर सफाई दी है.
उन्होंने कहा है कि धोनी ने नौजवान विकेटकीपर बल्लेबाज़ टी-20 मैचों में ऋषभ पंत के लिए जगह बनाने के लिए न खेलने का फैसला किया है.
कोहली के इस बयान ने उस बड़े सवाल को फिर हवा दे दी है कि क्या धोनी ने अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैचों को अलविदा कह दिया है?
मैं उस बातचीत का हिस्सा नहीं था: कोहली
वेस्टइंडीज़ और ऑस्ट्रेलिया के साथ आगामी टी-20 सिरीज़ के लिए घोषित भारतीय टीम में महेंद्र सिंह धोनी को शामिल नहीं किया गया था.
वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ तिरुवनंतपुरम में खेले गए सिरीज़ के आख़िरी मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब विराट कोहली से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "अगर मैं ग़लत नहीं हूं तो मुझे लगता है कि चयनकर्ता इस पर पहले ही बात कर चुके हैं. और उनसे (धोनी से) भी बात की गई है. इसलिए मैं कोई कारण नहीं देखता कि जो कुछ हुआ, उस पर मैं यहां बैठकर सफ़ाई दूं
"चयनकर्ताओं ने बताया है कि क्या हुआ है. मैं उस बातचीत का हिस्सा नहीं था. मुझे लगता है कि लोग इस स्थिति के बारे में बहुत कयास लगा रहे हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं है. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि वो अब भी टीम का अहम हिस्सा हैं. उन्हें बस लगता है कि टी-20 फॉर्मेट में ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी को और मौक़े मिलने चाहिए."
कप्तान विराट कोहली ने कहा, "वो वैसे भी हमारे लिए नियमित तौर पर वनडे खेलते हैं. वो बस टी-20 में नौजवान खिलाड़ियों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं."
विराट कोहली के बयान से लगता है कि महेंद्र सिंह धोनी ने ही ख़ुद टी-20 टीम से बाहर होने का फैसला किया है. लेकिन सवाल ये है कि अगर वह ऋषभ पंत के लिए जगह बनाना चाहते हैं तो क्या वे टी-20 फॉर्मेट में कभी नहीं लौटेंगे?
वरिष्ठ खेल पत्रकार विजय लोकपल्ली और प्रदीप मैगज़ीन दोनों को लगता है कि धोनी अब संभवत: टी-20 मैचों में कभी दिखाई नहीं देंगे.
विजय लोकपल्ली कहते हैं, "पहले चयनकर्ताओं ने संकेत दिए थे और अब कोहली ने सार्वजनिक तौर पर कह दिया है. उन्होंने यह भी बताया कि चयनकर्ताओं ने इस बारे में धोनी से बात भी की. मुझे लगता है कि ये एक अच्छा निर्णय है."
"धोनी आख़िरी खिलाड़ी होंगे जो किसी की जगह रोकेंगे. आपको याद होगा कि जब उन्हें लगा कि वह टेस्ट क्रिकेट में रिद्धिमान साहा या पार्थिव पटेल की जगह रोक रहे हैं तो उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. इससे धोनी का किरदार पता लगता है."
ख़राब फॉर्म से जूझ रहे पूर्व कप्तान
विजय लोकपल्ली मानते हैं कि धोनी ने भारतीय क्रिकेट के हित में ही यह फैसला लिया है क्योंकि उन्होंने चयनकर्ताओं को एक नया विकेटकीपर तैयार करने का समय दे दिया है.
महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में ही भारत ने 2007 में पहला टी-20 विश्व कप जीतकर दुनिया को चौंका दिया था. जानकार मानते हैं कि इस बड़ी जीत के बाद भारतीय क्रिकेट टीम को एक नई ताक़त मिली.
धोनी परिस्थिति के मुताबिक अपना खेल बदलने और बेहतरीन फिनिशर के तौर पर जाने जाते रहे हैं. 93 टी-20 मैचों में उनके नाम 37.17 की औसत से 1487 रन हैं. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 127 से ज़्यादा रहा है और निचले क्रम पर बल्लेबाज़ी करने के बावजूद वह भारत की ओर से सबसे ज़्यादा टी-20 रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों की सूची में चौथे नंबर पर हैं.
धोनी ने अपना आख़िरी टी-20 मुकाबला 8 जुलाई 2018 को ब्रिस्टल में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ खेला था, हालाँकि उन्हें बल्लेबाज़ी करने का मौका नहीं मिला था.
धोनी बीते कुछ समय से ख़राब फॉर्म से जूझ रहे हैं और इस वजह से उन्हें आलोचनाओं का सामना भी कर रहे हैं.
उन्होंने कहा है कि धोनी ने नौजवान विकेटकीपर बल्लेबाज़ टी-20 मैचों में ऋषभ पंत के लिए जगह बनाने के लिए न खेलने का फैसला किया है.
कोहली के इस बयान ने उस बड़े सवाल को फिर हवा दे दी है कि क्या धोनी ने अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैचों को अलविदा कह दिया है?
मैं उस बातचीत का हिस्सा नहीं था: कोहली
वेस्टइंडीज़ और ऑस्ट्रेलिया के साथ आगामी टी-20 सिरीज़ के लिए घोषित भारतीय टीम में महेंद्र सिंह धोनी को शामिल नहीं किया गया था.
वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ तिरुवनंतपुरम में खेले गए सिरीज़ के आख़िरी मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब विराट कोहली से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "अगर मैं ग़लत नहीं हूं तो मुझे लगता है कि चयनकर्ता इस पर पहले ही बात कर चुके हैं. और उनसे (धोनी से) भी बात की गई है. इसलिए मैं कोई कारण नहीं देखता कि जो कुछ हुआ, उस पर मैं यहां बैठकर सफ़ाई दूं
"चयनकर्ताओं ने बताया है कि क्या हुआ है. मैं उस बातचीत का हिस्सा नहीं था. मुझे लगता है कि लोग इस स्थिति के बारे में बहुत कयास लगा रहे हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं है. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि वो अब भी टीम का अहम हिस्सा हैं. उन्हें बस लगता है कि टी-20 फॉर्मेट में ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी को और मौक़े मिलने चाहिए."
कप्तान विराट कोहली ने कहा, "वो वैसे भी हमारे लिए नियमित तौर पर वनडे खेलते हैं. वो बस टी-20 में नौजवान खिलाड़ियों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं."
विराट कोहली के बयान से लगता है कि महेंद्र सिंह धोनी ने ही ख़ुद टी-20 टीम से बाहर होने का फैसला किया है. लेकिन सवाल ये है कि अगर वह ऋषभ पंत के लिए जगह बनाना चाहते हैं तो क्या वे टी-20 फॉर्मेट में कभी नहीं लौटेंगे?
वरिष्ठ खेल पत्रकार विजय लोकपल्ली और प्रदीप मैगज़ीन दोनों को लगता है कि धोनी अब संभवत: टी-20 मैचों में कभी दिखाई नहीं देंगे.
विजय लोकपल्ली कहते हैं, "पहले चयनकर्ताओं ने संकेत दिए थे और अब कोहली ने सार्वजनिक तौर पर कह दिया है. उन्होंने यह भी बताया कि चयनकर्ताओं ने इस बारे में धोनी से बात भी की. मुझे लगता है कि ये एक अच्छा निर्णय है."
"धोनी आख़िरी खिलाड़ी होंगे जो किसी की जगह रोकेंगे. आपको याद होगा कि जब उन्हें लगा कि वह टेस्ट क्रिकेट में रिद्धिमान साहा या पार्थिव पटेल की जगह रोक रहे हैं तो उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. इससे धोनी का किरदार पता लगता है."
ख़राब फॉर्म से जूझ रहे पूर्व कप्तान
विजय लोकपल्ली मानते हैं कि धोनी ने भारतीय क्रिकेट के हित में ही यह फैसला लिया है क्योंकि उन्होंने चयनकर्ताओं को एक नया विकेटकीपर तैयार करने का समय दे दिया है.
महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में ही भारत ने 2007 में पहला टी-20 विश्व कप जीतकर दुनिया को चौंका दिया था. जानकार मानते हैं कि इस बड़ी जीत के बाद भारतीय क्रिकेट टीम को एक नई ताक़त मिली.
धोनी परिस्थिति के मुताबिक अपना खेल बदलने और बेहतरीन फिनिशर के तौर पर जाने जाते रहे हैं. 93 टी-20 मैचों में उनके नाम 37.17 की औसत से 1487 रन हैं. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 127 से ज़्यादा रहा है और निचले क्रम पर बल्लेबाज़ी करने के बावजूद वह भारत की ओर से सबसे ज़्यादा टी-20 रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों की सूची में चौथे नंबर पर हैं.
धोनी ने अपना आख़िरी टी-20 मुकाबला 8 जुलाई 2018 को ब्रिस्टल में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ खेला था, हालाँकि उन्हें बल्लेबाज़ी करने का मौका नहीं मिला था.
धोनी बीते कुछ समय से ख़राब फॉर्म से जूझ रहे हैं और इस वजह से उन्हें आलोचनाओं का सामना भी कर रहे हैं.
Subscribe to:
Comments (Atom)